चंडीगढ़, 1 जून (वेब वार्ता)। हरियाणा के रेवाड़ी में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रेवाड़ी एम्स) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से 50 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही संस्थान में इसी वर्ष शैक्षणिक सत्र शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। साथ ही जुलाई माह तक बाह्य रोगी विभाग सेवाएं शुरू होने की संभावना भी जताई जा रही है।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि रेवाड़ी में विकसित हो रहा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। उनके अनुसार संस्थान शुरू होने से दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में भी कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। इससे अस्पताल अपनी बिजली स्वयं तैयार कर सकेंगे और ऊर्जा खर्च में कमी आएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जींद मेडिकल कॉलेज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और इसी वर्ष इसके हस्तांतरण की संभावना है। वहीं करनाल जिले के कुटेल में बन रहा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
उन्होंने बताया कि यमुनानगर, कैथल और सिरसा में भी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। जींद और कुटेल मेडिकल कॉलेजों का हस्तांतरण होने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से हरियाणा में स्वास्थ्य ढांचे और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को नई गति मिलेगी।




