दमोह, 1 जून (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुत्र गोद दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। बकस्वाहा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने अनाथ आश्रम से पुत्र गोद दिलाने का भरोसा देकर उससे 42 हजार रुपये से अधिक की राशि ले ली, लेकिन बाद में न तो कोई प्रक्रिया शुरू हुई और न ही आरोपियों ने संपर्क बनाए रखा।
जानकारी के अनुसार बकस्वाहा थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी निवासी भागूंता अहिरवार की आठ बेटियां हैं। परिवार में पुत्र की इच्छा के चलते वह कुछ लोगों के संपर्क में आया, जिन्होंने उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत पुत्र गोद दिलाने का आश्वासन दिया।
पीड़ित के मुताबिक कुछ दिन पहले उसके घर भिक्षा मांगने आए लोगों से बातचीत के दौरान उसने अपनी पारिवारिक स्थिति का जिक्र किया था। आरोप है कि उन लोगों ने उसे जबलपुर स्थित एक अनाथ आश्रम से बच्चा गोद दिलाने की बात कही और विभिन्न औपचारिकताओं, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालयीन कार्यवाही का हवाला देकर रुपये की मांग की।
भागूंता अहिरवार का आरोप है कि आरोपियों ने उससे दो किस्तों में 40 हजार रुपये और 2,500 रुपये सहित कुल 42,500 रुपये ले लिए। पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार भरोसा दिलाते रहे, लेकिन न तो गोद लेने की प्रक्रिया शुरू कराई गई और न ही कोई बच्चा उपलब्ध कराया गया।
पीड़ित का कहना है कि बाद में जब उसने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद उसे अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ।
मामले से परेशान पीड़ित अपने परिवार के साथ दमोह कोतवाली पहुंचा और लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। उसने पुलिस से आरोपियों की पहचान कर राशि वापस दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




