जयपुर, 23 मई (वेब वार्ता)। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराने के उच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की बड़ी जीत बताते हुए राज्य सरकार पर चुनाव प्रक्रिया टालने का आरोप लगाया।
टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस लगातार यह मुद्दा उठाती रही है कि सरकार जानबूझकर चुनावों में देरी करना चाहती है। उनके अनुसार भाजपा सरकार जनता के बीच जाने से बच रही थी और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले ने सरकार की मंशा पर रोक लगा दी है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हुई है।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है। उन्होंने कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार की आलोचना की। जूली का आरोप है कि सरकार के पास जनता के सामने रखने के लिए पर्याप्त उपलब्धियां नहीं हैं, इसलिए वह पंचायत और निकाय चुनावों से बचना चाहती थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा नेता अब गांवों में जाकर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता सरकार की वास्तविक स्थिति को समझ चुकी है। जूली ने आरोप लगाया कि संभावित चुनावी नुकसान के डर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
टीकाराम जूली ने कहा कि कांग्रेस ने सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को लगातार उठाया। विधानसभा के बाहर प्रदर्शन, जनआंदोलन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी ने चुनाव टालने के प्रयासों का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि अब अदालत के आदेश के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता गांवों, ढाणियों और वार्डों में जाकर सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को जनता के सामने रखेंगे। जूली के अनुसार न्यायालय के फैसले से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है और पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।




