रेवाड़ी, 23 मई (वेब वार्ता)। केमिकल फैक्टरी में 19 मई को लगी भीषण आग के बाद लापता कर्मचारियों के परिजनों की चिंता और बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। हादसे के पांच दिन बीत जाने के बावजूद लापता लोगों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आने से परिवार गहरे सदमे में हैं और प्रशासन तथा कंपनी से जवाब की मांग कर रहे हैं।
शनिवार सुबह घटनास्थल के पास उस समय भावुक माहौल बन गया, जब एक लापता कर्मचारी की पत्नी अपने पति की जानकारी नहीं मिलने पर फूट-फूटकर रो पड़ी। महिला बार-बार अपने पति के बारे में जानकारी देने की गुहार लगाती रही। उसकी पीड़ा और चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग भी भावुक हो गए। मौके पर तैनात महिला पुलिसकर्मी भी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं और उनकी आंखें नम हो गईं।
पीड़ित महिला ने बताया कि हादसे के बाद से परिवार लगातार अपने लापता सदस्य की तलाश में भटक रहा है। कभी पुलिस थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं तो कभी अस्पतालों में जानकारी जुटानी पड़ रही है। कई बार फैक्टरी के बाहर घंटों इंतजार करने के बावजूद कोई ठोस सूचना नहीं मिल पाई है।
परिजनों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से वे चिंता और अनिश्चितता के बीच दिन-रात गुजार रहे हैं। परिवारों को अब तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि लापता लोगों की तलाश किस स्थिति में है और जांच या बचाव कार्य कितनी प्रगति पर है।
घटना के बाद से परिवारों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन और फैक्टरी प्रबंधन को लापता कर्मचारियों की स्थिति को लेकर पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए, ताकि परिवारों की बेचैनी कम हो सके। उनका कहना है कि लंबे समय तक बनी अनिश्चितता ने उनके मानसिक और भावनात्मक संकट को और गहरा कर दिया है।
हादसे के कई दिन बाद भी जारी असमंजस और इंतजार ने परिजनों के दर्द को और बढ़ा दिया है। प्रभावित परिवार अब प्रशासन और कंपनी से जल्द स्पष्ट जानकारी तथा राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।




