उत्तराखंड में सीमांत गांवों को बड़ी राहत: वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत मवेशियों के इलाज की नई व्यवस्था

चमोली, राज्य डेस्क | वेब वार्ता

उत्तराखंड के चमोली जिले के सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला प्रशासन ने मवेशियों के बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए वेटरनरी मेडिकेयर यूनिट वाहन की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में पशुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारी ने सौंपा विशेष पशु चिकित्सा वाहन

7 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी गौरव कुमार ने वेटरनरी मेडिकेयर यूनिट वाहन को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) को सौंपा। यह वाहन सीमांत क्षेत्रों में पशुपालन से जुड़े परिवारों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगा। इससे मवेशियों के इलाज के लिए अब दूर शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत मजबूत हो रही सुविधाएं

जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और पशुपालन सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांवों को विशेष रूप से विकसित किया जा रहा है, ताकि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें।

वाहन संचालन और संसाधन व्यवस्था

विवरणजिम्मेदार विभागउद्देश्य
वाहन संचालनपशुपालन विभाग व आईटीबीपीनियमित चिकित्सा सेवा
दवाइयों की आपूर्तिपशुपालन विभागसमय पर इलाज
तकनीकी सहयोगआईटीबीपीदुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच
  • योजना: वाइब्रेंट विलेज योजना
  • जिला: चमोली
  • नई सुविधा: वेटरनरी मोबाइल यूनिट
  • साझेदारी: पशुपालन विभाग और आईटीबीपी

पशुपालकों को मिलेगा सीधा लाभ

इस मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से पशुपालकों को टीकाकरण, प्राथमिक उपचार, रोग जांच और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उनके गांवों तक उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे मवेशियों की मृत्यु दर में कमी आएगी और पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूती मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

प्रशासन और सुरक्षा बलों का संयुक्त प्रयास

वाहन के सुचारु और नियमित संचालन के लिए पशुपालन विभाग और आईटीबीपी के बीच औपचारिक अनुबंध किया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सेवा बिना किसी बाधा के लगातार चलती रहे। यह पहल प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण भी मानी जा रही है।

निष्कर्ष

चमोली जिले के सीमांत क्षेत्रों में शुरू की गई यह पहल वाइब्रेंट विलेज योजना की सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मवेशियों के बेहतर इलाज से न केवल पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि सीमावर्ती गांवों में स्थायित्व और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। यह प्रयास सरकार की सीमांत क्षेत्रों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

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