हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हरदोई में बाल विवाह उन्मूलन अभियान की शुरुआत की गई। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन्स एलायंस के अंतर्गत पार्टिसिपेटरी एक्शन फॉर कम्युनिटी एम्पॉवरमेंट (पेस संस्थान) द्वारा आयोजित बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पी.के. वर्मा ने अटल चौक, हरदोई से हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
बाल विवाह बच्चों के भविष्य पर गहरा आघात
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, जो उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के रास्ते में बड़ी बाधा बनता है। उन्होंने बताया कि यह अभियान समाज में व्याप्त इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के कानूनी प्रावधानों से लोगों को अवगत कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधान
| विवरण | कानूनी प्रावधान |
|---|---|
| लड़की की वैधानिक विवाह आयु | 18 वर्ष |
| लड़के की वैधानिक विवाह आयु | 21 वर्ष |
| संबंधित कानून | बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 |
| अपराध की स्थिति | बाल विवाह कराना, सहयोग देना या बढ़ावा देना दंडनीय |
गांव-गांव पहुंच रहा जागरूकता संदेश
बाल विवाह मुक्ति रथ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टर, जन-संदेश, ऑडियो प्रचार और हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि बाल विवाह न केवल व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि समाज की समग्र प्रगति में भी गंभीर अवरोध उत्पन्न करता है।
समाज की सहभागिता से ही होगा उन्मूलन
पेस संस्थान की सचिव राजविंदर कौर ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। जिला समन्वयक अवनीश मिश्रा ने बताया कि संस्था का उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों को विवाह की वैधानिक आयु, कानून और संरक्षण तंत्र की जानकारी देना है।
- नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता
- हस्ताक्षर अभियान द्वारा शपथ
- ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर प्रचार
- कानूनी जानकारी और संरक्षण तंत्र की जानकारी
प्रशासनिक व सामाजिक सहभागिता
कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, चाइल्ड लाइन समन्वयक अनूप तिवारी, महिला एवं बाल कल्याण विभाग से पिंकी सिंह, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना से हरिश्याम वर्मा सहित पेस संस्थान के कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
निष्कर्ष
हरदोई में शुरू किया गया यह अभियान बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में एक सशक्त पहल है। प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सहभागिता से ही इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। जागरूकता, कानून की जानकारी और समय पर हस्तक्षेप ही बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
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