हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जनपद में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ब्लॉक कछौना और सुरसा में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक आईडीए/एमडीए (IDA/MDA) अभियान के तहत घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य समुदाय स्तर पर बीमारी के प्रसार को रोकना और फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करना है।
घर-घर पहुंचेंगी फाइलेरिया रोधी दवाएं
अभियान के दौरान आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक घर पर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवाएं खिलाएंगी। आयु वर्ग के अनुसार डीईसी (DEC), एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन दवाएं निर्धारित खुराक में दी जाएंगी। दवाओं का सेवन मौके पर ही सुनिश्चित कराया जाएगा, जिससे अभियान की प्रभावशीलता बनी रहे।
इन वर्गों को नहीं दी जाएगी दवा
| क्रम | अपवर्जित वर्ग |
|---|---|
| 1 | एक वर्ष से कम आयु के बच्चे |
| 2 | गर्भवती महिलाएं |
| 3 | अत्यधिक बीमार व्यक्ति |
अंतर्विभागीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा
अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्य विकास अधिकारी हरदोई की अध्यक्षता में एक अंतर्विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा विभाग के साथ-साथ पंचायती राज, शिक्षा, आपूर्ति, ग्रामीण आजीविका मिशन, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर
बैठक में संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करें। ग्राम सभाओं, स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता फैलाने पर बल दिया गया।
फाइलेरिया को लेकर सीएमओ की अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई ने जनपदवासियों से अपील की कि सभी पात्र व्यक्ति फाइलेरिया रोधी दवाओं का अनिवार्य रूप से सेवन करें। उन्होंने कहा कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और फाइलेरिया जैसी लाइलाज बीमारी से बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय हैं।
फाइलेरिया कैसे फैलता है
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार फाइलेरिया मच्छरों के काटने से फैलता है। इसके परजीवी कई बार वर्षों तक शरीर में बिना लक्षण के मौजूद रहते हैं और 8 से 10 वर्ष बाद इसके दुष्प्रभाव दिखाई देते हैं। एक बार बीमारी हो जाने पर इसका पूर्ण उपचार संभव नहीं है, इसलिए वर्ष में एक बार दवा का सेवन अत्यंत आवश्यक है।
- फाइलेरिया मच्छर जनित बीमारी है
- शुरुआती अवस्था में लक्षण नहीं दिखते
- समय पर दवा से बीमारी को रोका जा सकता है
निष्कर्ष
हरदोई में चलाया जा रहा यह विशेष अभियान फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि सभी पात्र नागरिक दवा का सेवन सुनिश्चित करें, तो जनपद को इस गंभीर बीमारी से मुक्त किया जा सकता है। जनभागीदारी और जागरूकता ही इस अभियान की सफलता की कुंजी है।
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