वक्फ़ संपत्ति बिल के विरोध में 13 मार्च 2025 को जंतर-मंतर दिल्ली में होगा बड़ा प्रदर्शन

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना ख़ालिद सैफुल्लाह रहमानी ने जारी की अपील

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना ख़ालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा है कि आगामी 13 मार्च 2025 को केंद्र सरकार की ओर से लाए गए वक्फ़ संपत्ति बिल के ख़िलाफ़ एक प्रदर्शन दिल्ली में जंतर-मंतर पर किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में सभी लोगों और सहयोगी संस्थाओं से भाग लेने और भागीदारी करने की अपील की गई है। बोर्ड के प्रवक्ता और इस प्रदर्शन के आयोजक डॉ. सैयद क़ासिम रसूल इलियास ने बताया है कि कुछ तकनीकी कारणों से प्रदर्शन की तारीख़ बदली गई है। यह प्रदर्शन 10 मार्च की बजाय अब 13 मार्च को जंतर मंतर, दिल्ली में दिन के दस बजे से होगा। इसके अलावा, 8 मार्च को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। दस मार्च को कोलकाता के उलमा हज़रात ने विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना ख़ालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा है कि आज जब चारों तरफ़ से मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है उनकी मस्जिदों और मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है। वक्फ़ संपत्ति बिल लाया गया है तब सभी को शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रकट करना चाहिए जिसके लिए 13 मार्च को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध जताया जाएगा। ज्ञात रहे कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़ी संस्थाओं, अन्य धार्मिक एवं राष्ट्रीय संगठनों और आम मुसलमानों ने करोड़ों की संख्या में ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) को ईमेल भेजकर और कमेटी से मुलाकात कर के स्पष्ट रूप से इस विधेयक को खारिज करने का संदेश दिया था। उनका कहना था कि यह संशोधन वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा के खिलाफ है और इसे नष्ट करने के इरादे से लाया गया है। इसलिए इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात कर के मुस्लिम समुदाय का रुख़ विस्तार से उनके सामने रखा गया और उन्हें स्पष्ट कर दिया गया कि यह विधेयक किसी भी हाल में स्वीकार नहीं है। ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) के सदस्यों से भी व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की गई, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इन परिस्थितियों को देखते हुए, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारी समिति ने फैसला किया है कि 13 मार्च को सुबह 10 बजे दिल्ली में संसद के सामने जंतर मंतर पर एक ज़ोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस धरने में बोर्ड के सभी वरिष्ठ सदस्य, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों की शीर्ष नेतृत्व और अन्य प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विपक्षी दलों और सिविल सोसाइटी संगठनों से भी अपील की है कि वे इस प्रदर्शन में शामिल होकर इस अन्याय और ज़्यादती के खिलाफ आवाज़ उठाएँ। बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया है कि दलितों, आदिवासियों, ओबीसी समाज के सामाजिक एवं राजनीतिक नेता, सिख और ईसाई समुदाय के धार्मिक नेता भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।

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