शिमला, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार से मौसम के तेवर बदलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम केंद्र शिमला ने 24 और 25 अप्रैल को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इससे प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में ठंडक बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 26 और 27 अप्रैल को मैदानी जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है, लेकिन 28 और 29 अप्रैल को एक बार फिर बारिश और बर्फबारी का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 अप्रैल को चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला में अंधड़ के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार किन्नौर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज हो सकती है। वहीं चंबा और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की भी संभावना जताई गई है। विभाग ने मई के पहले सप्ताह में भी मौसम के खराब रहने के संकेत दिए हैं। 1 से 7 मई के बीच ऊंचे और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में छिटपुट बारिश के आसार बने रहेंगे।
इस बीच प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अधिकांश स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। सबसे अधिक तापमान ऊना में 40.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस मौसम का अब तक का उच्चतम स्तर है।
इसके अलावा कांगड़ा में 36.4, सुंदरनगर में 35.8, बरठीं में 35.3 और मंडी में 35.0 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। नाहन में पारा 34.9 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि भुंतर में 33.4 और धर्मशाला व सोलन में 33.0-33.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री रहा, वहीं मनाली में 26.8 और कल्पा में 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान ताबो में 17.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
औसतन पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 4.6 डिग्री अधिक बना हुआ है, जो इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और तेज हो सकते हैं, हालांकि बीच-बीच में मौसम में बदलाव राहत भी दे सकता है।





