लिकाबाली, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के उद्देश्य से भारतीय सेना की स्पीयरहेड डिवीजन द्वारा लिकाबाली में एक भव्य पूर्व सैनिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 1500 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सेवारत सैनिकों और शहीदों के परिजनों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं रखीं और समाधान प्राप्त किया।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर पूर्व सैनिक समुदाय के साथ सेना के संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। रैली के दौरान पेंशन, भूमि विवाद, दस्तावेज संबंधी समस्याओं और अन्य कल्याणकारी मुद्दों पर तत्काल सहायता प्रदान की गई।
समस्याओं के समाधान के लिए बना प्रभावी मंच
रैली का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों की लंबित समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना था। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए शिविरों में पेंशन वितरण की विसंगतियों, कानूनी मामलों और दस्तावेजी कठिनाइयों का मौके पर ही समाधान किया गया। इससे पूर्व सैनिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
राज्यपाल ने बताया “आर्मी आपके द्वार”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में के. टी. परनाइक उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल को “आर्मी आपके द्वार” की संज्ञा देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन सेना और पूर्व सैनिकों के बीच मजबूत संवाद का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की देखभाल करना राष्ट्र की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पुनर्वास, रोजगार के अवसर और राज्य सरकारों के साथ समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया, ताकि पूर्व सैनिक समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
सेना में बढ़ती तकनीकी जरूरतों पर जोर
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सेना के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब सेना अत्यधिक तकनीकी हो चुकी है। आधुनिक हथियारों और उपकरणों के संचालन के लिए न्यूनतम बारहवीं तक की शिक्षा आवश्यक हो गई है। उन्होंने अभिभावकों और समाज से युवाओं की शिक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
विभिन्न विभागों का मिला सहयोग
रैली में राज्य सैनिक बोर्ड, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, लेखा नियंत्रक रक्षा विभाग, स्वास्थ्य सेवाएं और बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर पेंशन, चिकित्सा और बैंकिंग से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया।
साथ ही पूर्व सैनिकों को पुनर्नियोजन और रोजगार के अवसरों की जानकारी भी दी गई। स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष चिकित्सा शिविर लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया।
वीर परिवारों का सम्मान बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान वीर नारियों, वीर माताओं, वीर पुत्रियों और विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक क्षण रहा।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों और कैडेटों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देशभक्ति का माहौल बना दिया।
सेना की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण
लिकाबाली में आयोजित यह पूर्व सैनिक रैली सेना और नागरिक प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत पूर्व सैनिकों के सम्मान और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सेवा समाप्ति के बाद भी सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति जिम्मेदारी उतनी ही महत्वपूर्ण बनी रहती है।



