हरदोई, 24 अप्रैल (लक्ष्मीकांत पाठक)। जनपद में लगातार बढ़ते तापमान और आसमान से बरसती तेज धूप के बीच लू का खतरा गहराता जा रहा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने नागरिकों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है, जबकि समय पर बरती गई सावधानी जीवन की रक्षा कर सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। तेज बुखार, त्वचा का शुष्क हो जाना, पसीना बंद होना, मानसिक भ्रम, तेज नाड़ी, बेहोशी तथा गंभीर स्थिति में कोमा जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सहायता लेना आवश्यक है। ऐसे मामलों में 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की सलाह दी गई है।
डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग, खेतों में काम करने वाले किसान-मजदूर, गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्ति तथा दिव्यांगजन इस भीषण गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। इन वर्गों को विशेष सतर्कता और अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है।
लू के संभावित प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां भी दुरुस्त कर ली हैं। नया गांव मुबारकपुर स्थित 100 शैय्या चिकित्सालय और जिला अस्पताल में विशेष वार्ड एवं शीत कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां शीतल वातावरण, पेयजल और आइस पैक जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अतिरिक्त बेड आरक्षित कर कोल्ड रूम की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
जिले भर में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और अस्पतालों में ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। साथ ही संचारी रोग अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को लू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। विभाग द्वारा हीट वेव से संबंधित दैनिक रिपोर्ट आईएचआईपी पोर्टल के माध्यम से शासन को भेजी जा रही है, जो फिलहाल शून्य बताई गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, नींबू पानी, छाछ और लस्सी का सेवन करने तथा दिन के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक बाहर जाने से परहेज करने को कहा गया है।
इसके अतिरिक्त चेतावनी दी गई है कि शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखें, बच्चों और पशुओं को बंद वाहनों में न छोड़ें तथा अत्यधिक तला-भुना भोजन और कठिन श्रम से बचें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सावधानी ही सुरक्षा है और जागरूकता के माध्यम से ही इस भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सकता है।





