#सेवा आचरण नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों से निष्पक्षता बनाए रखने की अपेक्षा, बीएसए ने कहा—मामले की जांच जारी, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई#
ललितपुर,(आलोक चतुर्वेदी) स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान से ठीक एक दिन पहले सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने शहर में चर्चा छेड़ दी है। शिक्षक लखन लाल आर्य की फेसबुक आईडी से पोस्ट किए गए इस वीडियो में वह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के साथ दिखाई दे रहे हैं। मतदान से ठीक पहले वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक गतिविधियों और सेवा आचरण नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वीडियो कब बनाया गया था, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। हालांकि, मतदान से ठीक एक दिन पहले संबंधित शिक्षक की फेसबुक आईडी से इसे पोस्ट किए जाने के कारण यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब सवाल उठ रहा है कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए निर्धारित राजनीतिक निष्पक्षता के नियमों का पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जा रहा है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के प्रावधान
सरकारी कर्मचारियों से राजनीतिक निष्पक्षता बनाए रखने और अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण करने की अपेक्षा की जाती है। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमावली, 1964 के नियम-5 में राजनीतिक गतिविधियों तथा राजनीति में भागीदारी को लेकर प्रतिबंधों का प्रावधान है। वहीं, उत्तर प्रदेश में कार्यरत संबंधित शिक्षक पर लागू सेवा नियम उनकी सेवा श्रेणी के अनुसार निर्धारित होंगे।
यदि कोई सरकारी कर्मचारी लागू सेवा नियमों के विपरीत किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के पक्ष में सक्रिय रूप से प्रचार करता है अथवा प्रतिबंधित राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेता है, तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों के राजनीतिक आचरण को लेकर निर्धारित नियमों का पालन महत्वपूर्ण हो जाता है।
मतदान से एक दिन पहले वीडियो पोस्ट करना क्या संकेत दे रहा है?
मतदान से ठीक एक दिन पहले अपनी फेसबुक आईडी से राजनीतिक प्रत्याशी के साथ इस तरह का वीडियो पोस्ट करना आखिर क्या संकेत दे रहा है? यह सवाल शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर सरकारी कर्मचारियों से निष्पक्षता और सेवा नियमों के पालन की अपेक्षा की जाती है, वहीं दूसरी ओर चुनाव के ठीक पहले इस तरह का वीडियो सामने आने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वीडियो की वास्तविक तारीख की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसे पोस्ट किए जाने के समय को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
📌 बॉक्स | बीएसए बोले—जांच के बाद होगी आवश्यक कार्रवाई
मामला संज्ञान में आया है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
— रत्नेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर
सरकारी शिक्षक की राजनीतिक गतिविधि पर सवाल, मतदान से पहले सपा प्रत्याशी के साथ वीडियो चर्चा में

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