Pulse Polio Campaign Deoria: कोई बच्चा पोलियो की खुराक से न रहे वंचित, सांसद शशांक मणि ने दिखाई जागरूकता रैली को हरी झंडी

देवरिया | ममता तिवारी | वेब वार्ता

Pulse Polio Campaign Deoria के तहत रविवार से शुरू होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के लिए शनिवार को पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज, देवरिया से विशाल जन जागरूकता रैली निकाली गई। सदर सांसद शशांक मणि ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और लोगों से अपील की कि पांच वर्ष तक का कोई भी बच्चा पोलियो रोधी दवा की दो बूंद से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में इस अभियान के तहत 5.68 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • देवरिया में पल्स पोलियो अभियान के लिए जागरूकता रैली निकाली गई।
  • सदर सांसद शशांक मणि ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
  • 5 वर्ष तक के 5.68 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य।
  • पहले दिन 1,759 फिक्स्ड बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।
  • 942 हाउस-टू-हाउस, 115 ट्रांजिट और 45 मोबाइल टीमें रहेंगी तैनात।
  • अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

Pulse Polio Campaign Deoria के लिए व्यापक तैयारियां

पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज से निकली जागरूकता रैली जिलाधिकारी आवास, सिविल लाइन रोड और बस स्टैंड होते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के माध्यम से लोगों को अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा अवश्य पिलाने का संदेश दिया गया।

सदर सांसद शशांक मणि ने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान तभी सफल होगा जब प्रत्येक पात्र बच्चे तक दवा पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को ‘दो बूंद जिंदगी की’ अवश्य पिलाएं।

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?स्वास्थ्य विभाग ने जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाने के लिए बूथ, घर-घर भ्रमण, ट्रांजिट प्वाइंट और मोबाइल टीमों की व्यापक व्यवस्था की है, ताकि कोई भी बच्चा अभियान से छूट न सके।

अभियान की प्रमुख व्यवस्थाएं

व्यवस्थासंख्या / विवरण
लक्षित बच्चे5.68 लाख (0-5 वर्ष)
फिक्स्ड पोलियो बूथ1,759
हाउस-टू-हाउस टीमें942
ट्रांजिट टीमें115
मोबाइल टीमें45
सुपरवाइजर286

स्वास्थ्य विभाग ने पूरी की तैयारियां

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 286 सुपरवाइजरों की तैनाती के साथ आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सीएचओ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि पहले दिन जिलेभर के 1,759 बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। इसके बाद घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने का अभियान चलाया जाएगा। बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष टीमें तैनात रहेंगी।

इस अभियान का क्या महत्व है?राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का उद्देश्य पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो रोधी दवा उपलब्ध कराकर पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखना है। व्यापक जनभागीदारी और स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता से ही यह लक्ष्य सफल हो सकता है।

जनसहभागिता से मिलेगा अभियान को बल

रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और जेएसआई के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के सभी बच्चों को पोलियो बूथ तक अवश्य लेकर जाएं।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभियान की सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब कोई भी पात्र बच्चा पोलियो रोधी दवा से वंचित नहीं रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -