कानपुर, 16 सितंबर (वेब वार्ता)। जाजमऊ के हिंदुस्तान कंपाउंड में मंगलवार देर रात सड़क पर खुले पड़े करीब चार फीट गहरे सीवर के गड्ढे में एक डिलीवरी बॉय बाइक समेत जा गिरा। सड़क पर अंधेरा होने के कारण युवक को गड्ढा दिखाई नहीं दिया। हादसे के बाद उसकी चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बाहर निकालकर नजदीकी नर्सिंग होम ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे रामादेवी स्थित दूसरे अस्पताल ले गए। बताया जा रहा है कि हादसे में उसकी नाक की हड्डी टूट गई है। हादसे के समय युवक ने हेलमेट पहन रखा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट नहीं आई। पूरी घटना कंपाउंड में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
ऑर्डर लेकर लौट रहा था डिलीवरी बॉय
स्थानीय निवासी इमरान ने बताया कि मंगलवार देर रात डिलीवरी बॉय पुल की ओर से ऑर्डर लेकर आ रहा था। हिंदुस्तान कंपाउंड की सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। इसी कारण उसे रास्ते में खुला पड़ा गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह बाइक समेत उसमें जा गिरा।
बताया गया कि बाइक युवक के ऊपर गिर गई थी। उसकी चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे गड्ढे से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों के अनुसार, घायल युवक की पहचान 27 वर्षीय नितिन गुप्ता के रूप में हुई है, जो सुभाष रोड का निवासी बताया जा रहा है।
लोगों ने उसे पास के नर्सिंग होम में पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे रामादेवी स्थित दूसरे नर्सिंग होम ले गए। जानकारी के अनुसार, युवक की नाक की हड्डी में चोट आई है।
बैरिकेडिंग और रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कर दी जाती या पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था होती, तो हादसा टाला जा सकता था। सड़क पर खुले गड्ढे के बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।
स्थानीय निवासी शाहरुख, अब्दुल्लाह और नवाजिश ने बताया कि सड़क के नीचे टेनरी अपशिष्ट की पाइपलाइन बिछी हुई है। पाइपलाइन संकरी होने के कारण आसपास गंदा पानी जमा रहता था। इसी लाइन के जरिये टेनरियों का दूषित पानी जाजमऊ के बाजिदपुर स्थित साझा बहिःस्राव शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाता है।
पाइपलाइन की मरम्मत के बाद भी नहीं भरा गया गड्ढा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले महीने पाइपलाइन टूट गई थी, जिसके कारण सड़क पर गड्ढा बन गया था। करीब 15 दिन पहले पाइपलाइन को चौड़े पाइप की मदद से जोड़ दिया गया, लेकिन इसके बाद सड़क पर बने गड्ढे को भरा नहीं गया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि करीब चार फीट गहरा और लगभग 11 मीटर लंबा यह गड्ढा लंबे समय से राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ था। आसपास बिजली के खंभे तो लगे हैं, लेकिन स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है। रात में अंधेरा होने के कारण गड्ढा दूर से दिखाई नहीं देता।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी बाइक सवार और अन्य राहगीर इस गड्ढे में गिरकर घायल हो चुके हैं। उनका कहना है कि सीवर लाइन की मरम्मत के बाद सड़क को सुरक्षित बनाना भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। क्षेत्रवासियों आशीष, रमेश और फैजान ने नगर निगम से तत्काल गड्ढा भरने, सड़क की मरम्मत कराने और पर्याप्त मार्ग प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।




