लक्ष्मीकान्त पाठक। वेबवार्ता
हरदोई। किसान दिवस की बैठक में बुधवार को किसानों ने बिजली कटौती, जर्जर विद्युत तारों, गांवों के बीच से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइनों और बाढ़-जलभराव वाले इलाकों में बढ़ते मच्छरों का मुद्दा जोरशोर से उठाया। किसानों की समस्याएं सुन मुख्य विकास अधिकारी नेहा व्याडवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।विकास भवन के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित किसान दिवस की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ ने कहा कि किसान दिवस में कृषि एवं किसानों से सीधे जुड़ी समस्याएं ही उठाई जाएं, ताकि उनका त्वरित समाधान कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों को केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित न रखा जाए, बल्कि मौके पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रात की बिजली कटौती पर किसानों का सवाल
बैठक में किसानों ने रात के समय बिजली कटौती रोकने, गांवों के भीतर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइनों को आबादी से बाहर करने, जर्जर लोहे के तार बदलने और बार-बार बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग रखी।सीडीओ ने विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर क्षेत्रवार विद्युत सप्लाई का रोस्टर तैयार कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही समाचार पत्रों के माध्यम से रोस्टर की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुंचाने को कहा गया। त्योहारों के मद्देनजर विद्युत लाइनों में आने वाले फाल्ट को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ और जलभराव वाले गांवों में मच्छरों का खतरा
किसानों ने बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों की बढ़ती समस्या का मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों ने मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए दवा का छिड़काव कराने तथा संबंधित ग्राम पंचायतों में चिकित्सा शिविर लगाने की मांग की।सीडीओ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष चिकित्सा कैंप लगाने तथा मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। गांवों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ अतिक्रमण वाले चौराहों और स्थानों सेअतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए।
शिकायतों पर सात दिन में रिपोर्ट
सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं से संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी शिकायत मिलने के एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं। निस्तारण आख्या उप कृषि निदेशक के माध्यम से उपलब्ध कराने के साथ आगामी किसान दिवस में संबंधित अधिकारी को रिपोर्ट सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।राजस्व विभाग के अधिकारियों को किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ महीने में किसी एक दिन एक घंटे की बैठक निर्धारित करने और राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया गया।
सीडीओ ने किसानों से भी घरों के आसपास गंदगी और गंदे पानी का जमाव न होने देने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
किसान दिवस में उप कृषि निदेशक डॉ. राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि रक्षा अधिकारी इंद्रजीत यादव, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक केवीके, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। किसान यूनियन के पदाधिकारियों और प्रगतिशील किसानों ने भी बैठक में भाग लेकर अपनी समस्याएं रखीं।




