लक्ष्मीकान्त पाठक
कछौना, हरदोई। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत बालिकाओं को आत्मनिर्भर और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल की गई है। इसके अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय कछौना की मेधावी छात्रा आराध्या पाल को एक दिन के लिए खंड शिक्षा अधिकारी की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रतीकात्मक कार्यभार संभालते ही आराध्या पाल पूरे प्रशासनिक रंग में नजर आईं। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी के दायित्वों का निर्वहन करते हुए ब्लॉक संसाधन केंद्र स्टाफ की उपस्थिति पंजिका, विभिन्न विद्यालयों की निरीक्षण आख्या, मिड-डे मील रिपोर्ट और माता समूह बैठकों से संबंधित व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
अधिकारी की भूमिका में आराध्या ने न सिर्फ फाइलों को देखा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने विद्यालयों में समय-सारिणी के शत-प्रतिशत पालन, बालिकाओं की सुरक्षा व स्वच्छता सुनिश्चित करने, पुस्तकालयों के नियमित उपयोग तथा पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया। इस पहल के माध्यम से छात्रा को शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और निर्णय लेने की जटिल प्रक्रिया को बेहद करीब से समझने का व्यावहारिक अनुभव मिला। इस अवसर पर केजीबीवी की शिक्षिकाओं एवं बीआरसी कर्मचारियों सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा, जिन्होंने छात्रा का उत्साहवर्धन किया।बेटियों को इस तरह अधिकार और प्रशासनिक जिम्मेदारी का वास्तविक अनुभव देना, उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करने और समाज में बालिकासशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बेहद सशक्त और सराहनीय कदम है।




