जेवर/लखनऊ, 16 जून (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने सोमवार को एक ऐतिहासिक अध्याय लिख दिया, जब यहां से पहली विशेष उड़ान का संचालन किया गया। इस उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें वे किसान यात्री बनकर सवार हुए, जिन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अपनी भूमि समर्पित की थी। जेवर से लखनऊ पहुंचने पर इन किसानों का मुख्यमंत्री आवास में भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि जेवर अब केवल एक कस्बा नहीं, बल्कि संभावनाओं और समृद्धि का नया केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा, “जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां कुबेर भी आना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उड़ान के संचालन के लिए विमानन कंपनी इंडिगो का भी आभार व्यक्त किया।
“यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राज्य मंत्रिमंडल ने जेवर में हवाई अड्डे के निर्माण का प्रस्ताव पारित किया था, तब भूमि अधिग्रहण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में किसानों के साथ बैठक के दौरान उन्होंने उनसे कहा था कि यह परियोजना केवल हवाई अड्डा नहीं, बल्कि क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने का माध्यम बनेगी। उन्होंने किसानों को याद दिलाते हुए कहा, “मैंने आपसे कहा था कि एक घंटे का समय लेकर सोचिए, यह एयरपोर्ट आपकी तकदीर बदल देगा।”
“वक्त सबका आता है”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास के अवसर का लाभ उठाने वाले ही इतिहास रचते हैं। उन्होंने कहा, “वक्त सबका आता है, कुछ बन जाते हैं और कुछ बिखर जाते हैं। जो अवसर का लाभ लेता है, इतिहास उसी का बनता है।” उन्होंने कहा कि किसानों के भरोसे और सहयोग से 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी और आज इसका परिणाम पूरे देश के सामने है।
विमानन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के विमानन क्षेत्र के लिए भी ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “भारत में सर्वाधिक संभावनाओं वाले नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने आज से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू की हैं। यह दिन जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूरे प्रदेश और देश के विमानन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है।” उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और किसानों के योगदान को दिया।
जेवर बनेगा माल परिवहन और अनुरक्षण का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का पहला ऐसा केंद्र बनने जा रहा है, जहां माल परिवहन और विमान अनुरक्षण, मरम्मत एवं व्यापक जांच की आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान अब अपने फल, सब्जियां, मत्स्य उत्पाद और कृषि उपज को वैश्विक बाजार तक पहुंचा सकेंगे। स्थानीय बाजार की तुलना में उन्हें कई गुना अधिक मूल्य प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि आम का स्थानीय मूल्य 50 रुपये प्रति किलोग्राम है और वैश्विक बाजार में वह 800 से 1000 रुपये प्रति किलोग्राम बिकता है, तो परिवहन लागत निकालने के बाद भी किसानों को कई गुना अधिक लाभ मिलेगा।
विश्वस्तरीय निवेश का नया केंद्र बनेगा जेवर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, अर्धचालक इकाइयां, डेटा केंद्र, फिल्म सिटी, वस्त्र पार्क, चिकित्सीय उपकरण पार्क तथा सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित विश्वस्तरीय नगर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर के पांच प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी यहां अपने परिसर स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र शिक्षा और अनुसंधान का नया केंद्र बनेगा।
युवाओं को घर के पास मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े। उन्होंने बताया कि यमुना प्राधिकरण टाटा समूह के सहयोग से 225 करोड़ रुपये की लागत से उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रहा है। यहां युवाओं को प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, डिग्री और कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षा, चिकित्सा और खेल सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर क्षेत्र में डिग्री कॉलेज शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और खेल अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
170 किसानों ने रची इतिहास की उड़ान
इस विशेष यात्रा में 28 महिलाओं सहित कुल 170 किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है और किसानों का विश्वास कभी टूटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपनी ही भूमि पर बने हवाई अड्डे से पहली उड़ान का हिस्सा बनना इन किसानों के लिए जीवनभर की अविस्मरणीय स्मृति है। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और भागीदारी की उस कहानी का प्रतीक है, जिसने जेवर को नई पहचान दिलाई है।




