लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई (वेबवार्ता)मंगलवार की शाम कछौना कस्बा उस समय भक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गया, जब श्री सोमेश्वर महादेव सेवादार समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य श्री श्याम संकीर्तन एवं आलौकिक दरबार में बाबा श्याम के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। सजे-धजे दरबार में खाटू वाले बाबा श्याम का दिव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। देर रात तक चले संकीर्तन में भजनों की सुरमयी धुनों पर महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा श्याम की ज्योति प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद आमंत्रित भजन गायकों ने बाबा श्याम की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। जैसे-जैसे भजनों की स्वर लहरियां वातावरण में घुलती गईं, श्रद्धालुओं की भक्ति भी चरम पर पहुंचती गई। अनेक श्रद्धालु हाथों में श्याम बाबा का निशान लेकर भक्ति में झूमते और नृत्य करते नजर आए।
पूरे पंडाल में ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ और ‘जय श्री श्याम’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दरबार में शीश नवाकर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं शांति की कामना की।कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे नगर पंचायत अध्यक्ष राधारमण शुक्ला ‘पंकज’ ने बाबा श्याम के दरबार में दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे आयोजनों से आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा मजबूत होता है तथा नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जुटे समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों, सेवादारों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। साथ ही नगरवासियों से अपील की कि समाज में सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने वाले आयोजनों में निरंतर सहभागिता करें।
श्री श्याम संकीर्तन को सफल बनाने में श्री सोमेश्वर महादेव सेवादार समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और स्थानीय श्याम प्रेमियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन पर बाबा श्याम की विधिवत महाआरती उतारी गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को छप्पन भोग का प्रसाद वितरित किया गया।
देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन में कछौना कस्बे के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। संकीर्तन के समापन के बाद भी श्रद्धालुओं के बीच बाबा श्याम के जयकारे और भक्ति का उत्साह देर तक बना रहा।




