कुशीनगर, 12 जून (ममता तिवारी)। गोरखपुर से सिलीगुड़ी को जोड़ने वाली प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना का मार्ग कुशीनगर जिले की कसया तहसील के 33 गांवों से होकर गुजरेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 24.800 किलोमीटर लंबे हिस्से के निर्माण के लिए 2944 किसानों की कुल 154.030 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
शासन से प्राप्त निर्देशों के बाद स्थानीय निबंधन कार्यालय ने संबंधित गांवों में भूमि के क्रय-विक्रय तथा अकृषक घोषित करने की धारा-80 की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर भूमि का चिह्नीकरण करते हुए विस्तृत विवरण शासन को भेज दिया है।
प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे कसया तहसील के महुई बुजुर्ग, पतई, भठही बाबू, पतया, परसौनी, डुमरी तप्पा परवरपार, सेमरी, खड़तरी, कनखोरिया, परसौनी मुकुंदहां, सुखपुरवा, चक्कर पट्टी, बालक पट्टी, मठिया विशंभरपुर माधोपुर, खेसारी गिदहां, डुमरी तप्पा भलुआ, बटलोहिया, रावतपार, बरवा सुकदेव, अहिरौली राय, चरगहां, कुरमौटा, सिअरहा, नौगांवा तप्पा भलुआ, पोखरभिंडा, रुदवलिया, महासोन, फुरसतपुर, बेलवा बुजुर्ग, डिघवा बुजुर्ग, चेगौना जनूबी, परसौनी खुर्द तथा बेलवा रामजस सहित कुल 33 गांवों से होकर गुजरेगा।
2944 किसानों को मिलेगा मुआवजा
प्रशासन के अनुसार, प्रभावित किसानों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बैरिया राजा और भलुही मदारी पट्टी गांवों को फिलहाल लंबित श्रेणी में रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर इन गांवों की भूमि का भी अधिग्रहण किया जा सकता है।
तहसील प्रशासन ने बताया कि सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर विस्तृत प्रतिवेदन शासन को भेज दिया गया है। बजट आवंटन और शासन के अंतिम निर्देश मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यात्रा होगी तेज और सुविधाजनक
गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना की कुल लंबाई लगभग 520 से 550 किलोमीटर के बीच प्रस्तावित है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच सड़क संपर्क और अधिक मजबूत होगा। साथ ही गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक की यात्रा का समय कम होने के साथ आवागमन भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
इस संबंध में कसया के तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए तहसील क्षेत्र के 33 गांवों की भूमि चिह्नित कर उसका पूरा डाटा शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाएगी और शासन के निर्देश प्राप्त होने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।




