फिरोजाबाद, 10 जुलाई (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की नृशंस हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी करार दिया है। बहुचर्चित इस मामले में जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत शुक्रवार को दोषी की सजा पर फैसला सुनाएगी।
बृहस्पतिवार को पुलिस आरोपी को जेल से अदालत लेकर पहुंची। सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य घटना को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं और मामला अत्यंत जघन्य प्रकृति का है। दोषी ठहराए जाने के बाद आरोपी को दोबारा न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान मृतक आरव की नानी भी अदालत में मौजूद रहीं।
यह मामला 30 मई का है, जब शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने कथित रूप से अपनी रिश्ते की भाभी से विवाह का प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज होकर उनके डेढ़ वर्षीय पुत्र आरव की सड़क पर पटक-पटक कर हत्या कर दी थी। घटना का दृश्य वहां लगे निगरानी कैमरे में कैद हो गया था, जिसका वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी।
जांच में सामने आया कि मूल रूप से अरांव क्षेत्र की रहने वाली रति देवी का विवाह फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुआ था। वैवाहिक विवाद के चलते वह पिछले कुछ महीनों से अपने मायके में रह रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने रति देवी को विवाह का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
घटना वाले दिन रति देवी अपनी मां के साथ कानूनी सलाह लेने शिकोहाबाद आई थीं। आरोप है कि विराज ने मासूम आरव को टॉफी दिलाने के बहाने घर से बाहर ले जाकर सुनसान स्थान पर कुछ ही सेकंड में हत्या कर दी और बाद में शव को घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के छह दिन के भीतर ही साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। अदालत में 15 जून से सुनवाई शुरू हुई और अभियोजन पक्ष ने कुल 13 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए। अब पूरे मामले में सभी की नजर अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा पर टिकी है।




