सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी डे पर बलरामपुर में फूड फेस्टिवल का शुभारंभ, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान

कमर खान, बलरामपुर, 18 जून (वेब वार्ता)। सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी डे के अवसर पर गुरुवार को राही टूरिस्ट बंगला के वीआईपी हॉल में एक दिवसीय फूड फेस्टिवल एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मंत्री एवं सदर विधायक पलटू राम तथा आदर्श नगर पालिका परिषद अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने फीता काटकर किया। आयोजन का उद्देश्य लोगों को पौष्टिक, जैविक एवं पर्यावरण-अनुकूल खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करना तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना था।

फूड फेस्टिवल में स्वास्थ्यवर्धक और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के अनेक स्टॉल लगाए गए, जिनमें मल्टीग्रेन आटा, ज्वार, बाजरा, रागी, धान, चना, जैविक सब्जियां, मौसमी फल चाट, लिट्टी-चोखा, सत्तू, बेल का रस, कोदो कटलेट, सांवा की खीर और अंकुरित सलाद प्रमुख आकर्षण रहे। इसके अलावा मधुमेह देखभाल उत्पाद, विभिन्न प्रकार के मोटे अनाज, सुपर फूड, हस्तनिर्मित परिधान, बैग तथा सौंदर्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए।

लोगों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी

फूड फेस्टिवल में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित जैविक तथा पारंपरिक खाद्य उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई। आगंतुकों ने मोटे अनाजों से बने व्यंजनों का स्वाद चखा और उनकी गुणवत्ता तथा स्वास्थ्य लाभों की सराहना की।

दिनभर चले इस आयोजन में स्थानीय नागरिकों, महिला समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बना रहा और लोगों को स्वस्थ खानपान के प्रति जागरूक करने में सफलता मिली।

मोटे अनाज अपनाने की अपील

इस अवसर पर पलटू राम ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में फास्ट फूड के बढ़ते चलन के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में मोटे अनाज, जैविक खाद्य पदार्थों और पारंपरिक खानपान को अपनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि ज्वार, बाजरा, रागी और अन्य मोटे अनाज पोषण से भरपूर होते हैं तथा कई गंभीर बीमारियों से बचाव में सहायक सिद्ध होते हैं। साथ ही ये किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री अन्न अभियान की सराहना

पलटू राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे देश में मोटे अनाजों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय उत्पादकों, महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन तथा विपणन का प्रभावी मंच प्रदान करते हैं।

स्थानीय उत्पादों को मिला मंच

कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर तैयार जैविक और पारंपरिक उत्पादों को विशेष स्थान दिया गया। आयोजकों का मानना है कि इससे स्थानीय कारीगरों, किसानों और महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर यूपी पर्यटन के यूनिट मैनेजर दीपू सिंह भदौरिया, होटल के अधिकारी एवं कर्मचारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में आगंतुक उपस्थित रहे।

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