– 7 दिनो में बीमारी और इलाज की मिलेगी सटीक जानकारी
– 8 हजार रूपये में होगी जीन स्ट्डी की जांच, निजी जांच केन्द्र में 67 हजार पडते है देने
कानपुर। हदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) विभाग में बहुत जल्द जीन स्ट्डी ओपीडी बनने जा रही है। इस ओपीडी में मरीजो की जांच करने पर उनके शरीर में पनपने वाली बीमारियों एवं भविष्य में होने बीमारियों का भी पता चल सकेगा।
कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ राकेश वर्मा ने बताया कि जीन स्ट्डी की 6 ओपीडी का निर्माण कार्य बहुत जल्द श्ुारू होने जा रहा है। इस ओपीडी के बनने से न केवल हदय की बीमारियों का पता चल सकेगा बल्कि भविष्य में होने वाली अनेक प्रकार की बीमारियों का भी पता चल सकेेगा। इसके साथ ही मरीजो की जांच करने पर उन दवाओं का कितना फायदा और नुकसान शरीर में हुआ है इसका भी पता बडी आसानी से चल सकेगा। उन्होंने बताया कि जीन स्ट्डी से डायबिटीज, कैंसर या दिल की बीमारियां परिवार में आगे क्यों बढ़ती है और उनका आनुवांशिक कारण क्या है इसे पता करने में भी बहुत मदद मिलेगी। इसके लिए मरीज के ओरल ब्रश से सेल्स लेकर जांच की जायेगी और 7 दिनो में बीमारी और इसके इलाज के बारे में पता चल जायेगा। बाहर इसकी जांच में लगभग 67 हजार रूपये तक का खर्च आता है जबकि संस्थान में मात्र 8 हजार रूपये में इसकी जांच हो सकेगी। इसके अलावा मेडीटेशन और योग भी कराया जायेगा।
हृदय रोगों से बचाव पर विशेषज्ञ करेंगे मंथन
कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई) के उत्तर प्रदेश चेष्टर के तत्वावधान में कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा शनिवार को होटल इटर्निटी में कार्डियोप्रिवेंट-2026 आयोजित करने जा रहा है, जिसमें कानपुर के प्रो. सत्येन्द्र तिवारी होंगे मुख्य अतिथि होंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन शनिवार को सुबह 11 बजे से शुरू होगा। आयोजन सचिव प्रो. (डॉ.) अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि कार्डियो्िरपवेंट में वैज्ञानिक सत्रों में उत्तर प्रदेश के साथ उम्मू कश्मीर, दिल्ली, मध्य प्रदेश और झारखंड से आए 34 विशेषज्ञ अपना व्याख्यान देंगे। जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिल। कानपुर के मूल निवासी प्रो. तिवारी एलपीएस इंस्टीटयूट ऑफ कार्डियोलॉजी के पूर्व छात्र है। एलपीएस संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) राकेश कुमार वर्मा विशिष्ट अतिथि होंगे। सम्मेलन में युवाओं में हार्ट अटैक, मोटापा, उच्च रक्तचाप और नमक, नींद व खर्राटे, वायु प्रदूषण का दिल पर असर. महिलाओं में हृदय रोग, बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की रोकथाम और जिम मेराधन के दौरान अचानक मीत जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
जीन स्ट्डी की बनेगी ओपीडी, भविष्य की बीमारियों का चलेगा पता

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