व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग
बहराइच। प्रस्तावित एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यवस्था को लेकर व्यापारियों ने अपनी चिंताओं से केंद्र सरकार को अवगत कराते हुए इसमें आवश्यक पुनर्विचार और राहत प्रदान किए जाने की मांग की है। जिला महामंत्री बृजमोहन मातानहेलिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने प्रस्तावित एमडीआर व्यवस्था के संभावित प्रभावों पर विचार करते हुए व्यापारिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय कारोबारियों की व्यावहारिक समस्याओं, आर्थिक स्थिति और व्यापार संचालन पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से व्यापारियों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाने और प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। 2000 के यूपीआई लेनदेन पर टैक्स लागू करने से छोटे व्यापारी अधिक प्रभावित होंगे इसे वापस लिया जाए।
व्यापारियों ने ज्ञापन के जरिए यह मुद्दा उठाया कि नीतिगत बदलावों के दौरान छोटे और मध्यम कारोबारियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि व्यापार संचालन में अनावश्यक आर्थिक दबाव न बढ़े। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस विषय पर संबंधित विभागों के माध्यम से उचित विचार-विमर्श कर व्यापारियों के हित में निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
इस दौरान नगर अध्यक्ष दीपक सोनी, नगर महामंत्री आशीष कंसल, जिला संगठन मंत्री सुमित खन्ना तथा मशीनरी मार्केट के अध्यक्ष राकेश मित्तल सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और एमडीआर व्यवस्था के संबंध में ऐसा निर्णय लिया जाएगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां सुचारु बनी रहें तथा कारोबारियों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।




