नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Vibrant Villages Programme Leh के तहत केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ दो दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे। कुशोक बकुला रिमपोछे हवाई अड्डे पर भारतीय सेना और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दोनों केंद्रीय मंत्री इस दौरे के दौरान 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित भारत के अंतिम नागरिक गांव फोबरांग का भ्रमण करेंगे। साथ ही स्थानीय नागरिकों से संवाद, भारतीय सेना के जवानों से मुलाकात तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे।
- केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ लेह पहुंचे।
- दो दिवसीय दौरे में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का निरीक्षण करेंगे।
- 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित फोबरांग गांव का भ्रमण होगा।
- स्थानीय नागरिकों और भारतीय सेना के जवानों से संवाद करेंगे।
- सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा होगी।
- विकसित भारत अभियान के तहत सीमा क्षेत्र विकास पर विशेष फोकस रहेगा।
Vibrant Villages Programme Leh के तहत क्या रहेगा दौरे का मुख्य उद्देश्य?
केंद्रीय मंत्रियों का यह दौरा सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं का जमीनी स्तर पर आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान वे फोबरांग गांव का दौरा कर वहां की आधारभूत सुविधाओं, जनकल्याण योजनाओं और स्थानीय आवश्यकताओं की समीक्षा करेंगे।
इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी जानने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सीमा क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
भारतीय सेना के जवानों से भी करेंगे मुलाकात
दो दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री भारतीय सेना के जवानों से भी मुलाकात करेंगे। इस अवसर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के योगदान की सराहना के साथ सीमा क्षेत्र के विकास और स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सीमा क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया जाएगा।
दौरे से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| दौरे की अवधि | दो दिन |
| स्थान | लेह |
| मुख्य कार्यक्रम | वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का निरीक्षण |
| भ्रमण स्थल | फोबरांग गांव |
| विशेष गतिविधि | स्थानीय नागरिकों एवं सेना के जवानों से संवाद |
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर रहेगा विशेष फोकस
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, आजीविका के अवसर बढ़ाना, बेहतर सड़क, संचार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं का विस्तार करना है। इस दौरे के दौरान इन क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की प्रगति का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि सीमावर्ती गांवों का विकास केवल सुरक्षा की दृष्टि से ही नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी मजबूत आधार पर किया जाए, ताकि स्थानीय आबादी को अपने ही क्षेत्र में बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
विकसित भारत अभियान को मिलेगा बल
विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम इसी दिशा में एक प्रमुख पहल है, जिसके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं और विकास परियोजनाओं को गति दी जा रही है।
लेह का यह दो दिवसीय दौरा सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ स्थानीय समुदाय और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




