नई दिल्ली | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Dharmendra Pradhan Bhutan Meeting के तहत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भूटान की शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री यीज़ांग डे थापा से मुलाकात कर शिक्षा, कौशल विकास और ज्ञान साझेदारी को नई गति देने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोजगार क्षमता, सतत पर्यटन, पारंपरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को तैयार करने और भारत-भूटान के शैक्षिक संबंधों को और सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भूटान की शिक्षा मंत्री से मुलाकात की।
- शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
- डिजिटल शिक्षा, AI और शिक्षक प्रशिक्षण प्रमुख विषय रहे।
- रोजगार क्षमता और स्किल डेवलपमेंट को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- सतत पर्यटन, पारंपरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य पर भी सहयोग पर चर्चा हुई।
- दोनों देशों ने ज्ञान आधारित भविष्य के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई।
Dharmendra Pradhan Bhutan Meeting में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
नई दिल्ली में हुई इस बैठक के दौरान भारत और भूटान के बीच शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने शिक्षक प्रशिक्षण, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीकों को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर विचार साझा किए।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए दोनों देश संयुक्त प्रयासों को और आगे बढ़ा सकते हैं। शिक्षा के साथ कौशल विकास को जोड़ने पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई?
दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने शिक्षक प्रशिक्षण, स्किलिंग, रोजगार क्षमता, डिजिटल शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा सतत पर्यटन, पारंपरिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य जैसे विषयों को भी भविष्य की साझेदारी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में देखा गया।
बैठक में ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के निर्माण और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को विकसित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक से जुड़े प्रमुख तथ्य
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| भारतीय प्रतिनिधि | केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान |
| भूटान की प्रतिनिधि | शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री यीज़ांग डे थापा |
| मुख्य विषय | शिक्षा, कौशल विकास और ज्ञान साझेदारी |
| प्रमुख क्षेत्र | AI, डिजिटल शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, स्किलिंग |
| अन्य विषय | सतत पर्यटन, पारंपरिक चिकित्सा, समग्र स्वास्थ्य |
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत और भूटान के संबंध साझा भविष्य की आकांक्षाओं, आपसी विश्वास और गहरे आध्यात्मिक रिश्तों पर आधारित हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देश मिलकर ज्ञान आधारित और भविष्य के लिए तैयार समाज का निर्माण करेंगे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा, तकनीकी नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाना दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। इससे बदलती वैश्विक परिस्थितियों और नई आर्थिक चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना किया जा सकेगा।
भारत-भूटान संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
भारत और भूटान के बीच शिक्षा सहयोग पहले से ही मजबूत रहा है और यह बैठक उसे नई दिशा देने की पहल मानी जा रही है। ज्ञान, नवाचार और कौशल विकास पर आधारित साझेदारी से दोनों देशों के बीच रणनीतिक और मानवीय संबंधों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य उन्मुख शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित ऐसे सहयोगात्मक प्रयास दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय विकास और मानव संसाधन क्षमता को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




