जयपुर, 20 अप्रैल (वेब वार्ता)। राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान पेट्रो जोन के विकास से जुड़े 18 त्रिपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड रिफाइनरी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बीच हुए।
इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य बालोतरा स्थित पेट्रो जोन में स्थापित होने वाले उद्योगों को पचपदरा रिफाइनरी से सीधे डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे उद्योगों को कच्चे माल की उपलब्धता आसान होगी और उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन के साथ राजस्थान को एक मजबूत औद्योगिक आधार मिलने जा रहा है। यह रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों के लिए एक प्रमुख आपूर्ति केंद्र के रूप में कार्य करेगी।
राजस्थान पेट्रो जोन को लगभग 1022 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में 30 हेक्टेयर भूमि पर 86 औद्योगिक भूखंड तैयार किए गए हैं, जिनमें से 45 का आवंटन हो चुका है। निवेशकों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त तैयार फैक्ट्री शेड भी विकसित किए गए हैं।
दूसरे चरण में 213 हेक्टेयर क्षेत्र में 257 नए भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इसके साथ ही सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है। तीसरे चरण में करीब 780 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार की योजना बनाई गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथीन, बेंजीन, टोलुइन और ब्यूटाडाईन जैसे उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप प्लास्टिक, पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, सिंथेटिक फाइबर और चिकित्सा उपकरणों का बड़े स्तर पर उत्पादन संभव होगा।
इस पहल से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राजस्थान को पेट्रोकेमिकल निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



