पंजाब में फिर धधके खेत, पराली जलाने के 44 मामले, बढ़ा प्रदूषण

चंडीगढ़, 22 अप्रैल (वेब वार्ता)। पंजाब में सरकार के दावों के बावजूद एक बार फिर खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। इस सीजन में अब तक गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे पर्यावरण और वायु गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

किसान अगली फसल की तैयारी के लिए खेतों में अवशेष जला रहे हैं, जिसके कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को मंडी गोबिंदगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 202 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा बठिंडा में 155, अमृतसर में 135 और पटियाला में 106 का स्तर दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में है।

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विभागों की टीमें लगातार क्षेत्र में जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक कर रही हैं। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है और निगरानी को और तेज किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि 1 अप्रैल से 30 मई तक खेतों में आग की घटनाओं की निगरानी उपग्रह के माध्यम से की जा रही है। सोमवार को ही इस तरह के 14 नए मामले सामने आए। विभिन्न जिलों में अलग-अलग संख्या में घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें एसबीएस नगर, मुक्तसर, फिरोजपुर, कपूरथला, बरनाला, गुरदासपुर और अन्य जिले शामिल हैं।

राज्य में गेहूं की खेती का क्षेत्रफल लगभग 34 लाख हेक्टेयर है, जिससे बड़ी मात्रा में भूसा निकलता है। ऐसे में पराली प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए बोर्ड ने चार मामलों में कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एक मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। इसके अलावा तीन मामलों में रेड एंट्री की गई है, जिसके तहत संबंधित किसान अपनी जमीन को न बेच सकते हैं और न ही गिरवी रख सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सख्ती के बावजूद समस्या बनी हुई है, जिसके समाधान के लिए दीर्घकालिक और व्यावहारिक उपायों की आवश्यकता है।

बीते दो साल में हाॅट स्पाॅट रहे जिले

जिला            2024       2025

अमृतसर        1015       1102

गुरदासपुर       1335        856

लुधियाना        841         640

फिरोजपुर        919         743

मोगा             788         863

बठिंडा           651         651

तरनतारन        589         700

कपूरथला       514          529

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