खवासा चेकिंग पाइंट की बड़ी उपलब्धि, 113 करोड़ से अधिक राजस्व संग्रह

  • परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशन में कार्रवाई
  • चेकिंग पाइंट प्रभारी जेपी उइके की टीम की अहम भूमिका
  • वाहनों की सघन जांच और नियमों का सख्त पालन

खवासा (सिवनी), 22 अप्रैल (वेब वार्ता)। मध्यप्रदेश सरकार ने आरटीओ चेक पोस्ट को समाप्त कर उनकी जगह चेकिंग पांइट तो बना दिए लेकिन इन चेकिंग पांइट पर आए दिन आरटीओ के कर्मचारियो एवं अधिकारियो का वाहन मालिको एवं वाहन चालको से वाद-विवाद एक ऐसी समस्या बना हुआ है जिसका कोई समाधान नहीं है। जहां एक ओर वाहन मालिक एवं वाहन चालक शासन के आदेश का हवाला देते हुए कहते है कि जब राज्य सरकार ने चेक पोस्ट बंद कर दिए तब चेकिंग पांइट के बहाने वाहनो को रोकना गलत है…? अब वाहन मालिको को यह कौन समझाए कि उसी जिस सरकार ने चेकिंग पोस्ट बंद किए है उसी सरकार ने अपने राजस्व का नुकसान न हो इसके लिए चेकिंग पाइंट खोल रखे है।

दूसरी ओर राज्य सरकार वह आदेश को वाहन मालिक मानने को तैयार नहीं है कि चेकिंग पांइट और वाहनो की जांच करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी परिवहन विभाग के है जिनका काम ऐसे वाहनो की जांच करना है जो कि चेकिंग पांइट को जारी किए गए नियमो एवं शर्तो का पालन नहीं करते है। वाहन मालिको एवं वाहन चालको की चेकिंग पोस्ट बंद हो जाने के बाद चेकिंग पाइंट को नजर अंदाजइ कर सरपट भाग जाने की आदतो के चलते अकसर इन चेकिंग पाइंट पर दुर्घटनाओ का होना आम बात है।

हर कोई चेकिंग पोस्ट बंद होने की दुहाई देता है लेकिन कोई भी यह मानने को तैयार नहीं कि चेकिंग पोस्ट बंद होने के साथ-साथ सरकार ने चेकिंग पाइंट को बनाने का भी आदेश जारी ही नहीं किया बल्कि प्रदेश के लगभग सभी जिलो की सीमाओ एवं खासकर अंतराज्यीय सीमाओ पर चेकिंग पोस्ट के स्थान पर चेकिंग पाइंट खोल रखे है। परिवहन विभाग ने काफी लम्बा चौड़ा स्टाफ तैनात कर रखा है जो हर दिन मां-बहन की गंदी-गंदी गालिया खाने का काम कर रहा है क्योकि जिस भी वाहन को रोकने का प्रयास किया जाता है उसका वाहन मालिक या वाहन चालक गंदी-गंदी गालिया देकर या कट मार कर भाग जाता है।

शर्मनाक बात यह है कि काम के समय परिवहन विभाग अपने एक नहीं अनेक कर्मचारियो को मानसिक अवसाद का शिकार बना कर उन्हे धीरे से आने वाली और अचानक आने वाली (हार्टअटेक) का शिकार बना रहा है। सबसे मजेदार बात यह देखने को मिली कि जबलपुर से नागपुर हाईवे पर सिवनी जिले का खवासा चेक पाइंट है जहां पर होने वाली जांच को वाहन मालिक एवं वाहन चालक सहयोग करने को तैयार नहीं है वही दुसरी ओर महाराष्ट्र की सीमा में सावनेर, खुमारी में आज भी महाराष्ट्र सरकार के परिवहन विभाग का चेक पोस्ट काम कर रहा है। यहां पर बिना डण्डे एवं झण्डे के वाहन मालिक एवं वाहन चालक जाकर अपनी जांच करवाते है।

मध्यप्रदेश के विभिन्न चेक पोस्टों से कुल मिलाकर हर साल लगभग 1500 सौ 1700 करोड़ तक आकी गई है लेकिन वित्तीय वर्ष 2025 – 26 में ओटीसी से प्राप्त राजस्व 20078600 रूपये, तथा वर्ष 2025-26 में प्राप्त कुल 103942100 रूपये, वित्तीय वर्ष 2024.25 में प्राप्त कुल 45674640 रूपये प्राप्त हुए। वित्तीय वर्ष 2025.26 में कुल वाहन 48013 से वाहन चेकिंग शमन शुल्क रूपये 103,942,100 प्राप्त हुए साथ ही मोटर यान कर के रूप 9800600 रूपये वसूल किए गए। खवासा चेकिंग पाइंट से वर्ष 2025 – 26 में प्राप्त कुल राजस्व 113742700 रूपये प्राप्त हुए जो अपने आप में विषय परिस्थितियो के बीच प्राप्त करना दिन में तारे गिनने के समान है।

खवासा चेकिंग पांइट पर परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशन में सिवनी जिले के खवासा चेकिंग पांइट पर चेकिंग पाइंट प्रभारी जेपी उइके, परिवहन निरीक्षक प्रभारी, रितु रघुवंशी परिवहन उप निरीक्षक, महावीर सिंह मार्के प्रधान आरक्षक रामखिलावन कोल प्रधान आरक्षक, विनोद भूमरकर प्रधान आरक्षक, देवेन्द्र उइके आरक्षक, भूपेन्द्र मिश्रा आरक्षक, जयनाथ डहेरिया आरक्षक, राखी चोपड़े, ऋचा परते, आरक्षक, द्रोपदी आर्मो आरक्षक, जितेन्द्र सुमन आरक्षक, दीपक उइके आरक्षक, अमर सिंह राठौर, आरक्षक, राजेश मराठी आरक्षक, बृजेश घाणी आरक्षक,दिनेश धाकड़ आरक्षक, निशांत राठौर आरक्षक का नाम शामिल है। अन्य परिवहन विभाग के कर्मचारियो की रातदिन की चौकसी एवं सर्तकत्र्ता की वजह से सुरक्षा के अभाव में जान को जोखिम में डाल कर राजस्व बढ़ाने का काम किया जा रहा है।

0000000000000000000000000000000000000000

नशा एवं नींद में वाहन चलाने का काम न करे
खवासा, (सिवनी)। जबलपुर नागपुर-जबलपुर अंतराज्यीय मार्ग क्रमांक 44 पर स्थित आरटीओ चेक पाइंट खवासा पर परिवहन आयुक्त उमेश जोगा के निर्देशन में सिवनी जिले के खवासा चेकिंग पांइट पर चेकिंग पाइंट प्रभारीजेपी उइके परिवहन निरीक्षक प्रभारी, रितु रघुवंशी परिवहन उप निरीक्षक, महावीर सिंह मार्के प्रधान आरक्षक रामखिलावन कोल प्रधान आरक्षक, विनोद भूमरकर प्रधान आरक्षक, देवेन्द्र उइके आरक्षक, भूपेन्द्र मिश्रा आरक्षक, जयनाथ डहेरिया आरक्षक,राखी चोपड़े, ऋचा परते, आरक्षक, द्रोपदी आर्मो आरक्षक, जितेन्द्र सुमन आरक्षक, दीपक उइके आरक्षक, अमर सिंह राठौर, आरक्षक, राजेश मराठी आरक्षक, बृजेश घाणी आरक्षक, दिनेश धाकड़ आरक्षक, निशांत राठौर आरक्षकएवं अन्य परिवहन विभाग के कर्मचारियो की रातदिन की चौकसी एवं सर्तकत्र्ता की वजह से सुरक्षा के अभाव में जान को जोखिम में डाल कर राजस्व बढ़ाने का काम किया जा रहा है। नशा एवं नींद में वाहन चलाने का काम न करे। जबलपुर-नागपुर से आने-जाने वाले वाहनो के दस्तावेजो की जांच के साथ वाहन चालको को सलाह दी जा रही है कि वाहन को चलाते समय परिवहन नियमो का पालन करे साथ ही नशा कर एवं नींद में वाहन को चलाने का जोखिम भरा काम न करे। वाहनो के आगे-पीछे रेड रिफलेक्टर लगवाने की सलाह के साथ लगाने का भी काम किया जा रहा हैए ताकि रात्री के समय वाहनो के आने-जाने का संकेत उस सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनो एवं राहगीरो को प्राप्त हो सके।

खवासा से मोहित रामकिशोर पंवार की रिपोर्ट…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles