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बिहार में दवा दुकानों की हड़ताल, ई-फार्मेसी के विरोध में ठप रहा कारोबार

पटना, 20 मई (वेब वार्ता)। बिहार में दवा कारोबारियों की हड़ताल का व्यापक असर मंगलवार को पूरे राज्य में देखने को मिला। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दवा विक्रेताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में मेडिकल स्टोर बंद रखे और ई-फार्मेसी तथा ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रदर्शन किया। राजधानी पटना सहित कई जिलों में दवा दुकानों के शटर गिरे रहे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

राजधानी पटना के अशोक राजपथ, जीएम रोड, बेली रोड और आईजीआईएमएस क्षेत्र में अधिकांश दवा दुकानें बंद रहीं। इसी तरह मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, गया, भागलपुर, दरभंगा और अन्य जिलों में भी सुबह से मेडिकल स्टोरों पर ताले लटके दिखाई दिए। हड़ताल का असर शहरी और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में अधिक देखने को मिला।

बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष परसन कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर 20 मई को रात 12 बजे तक दवा दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की और कहा कि दवा कारोबारियों की समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।

एसोसिएशन के महासचिव प्रभाकर कुमार ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण छोटे दवा व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई-फार्मेसी व्यवस्था के कारण बाजार में अनियमितता बढ़ रही है और नकली दवाओं की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। संगठन ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने और नई नियामक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

पटना के दवा कारोबारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र समाधान नहीं निकालती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ा। कई लोग आवश्यक दवाओं की तलाश में एक दुकान से दूसरी दुकान भटकते नजर आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि पटना समेत कुछ स्थानों पर जन औषधि केंद्र खुले रहे, जहां से लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

मुजफ्फरपुर में भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिले में 2500 से अधिक दवा दुकानें बंद रहीं, जबकि जूरन छपरा स्थित प्रमुख दवा मंडी में 400 से अधिक मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे। दवा विक्रेता संगठनों का कहना है कि मौजूदा ऑनलाइन बिक्री व्यवस्था में कई विसंगतियां हैं, जिनके कारण खुदरा दवा कारोबार प्रभावित हो रहा है।

मरीजों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुछ चयनित मेडिकल स्टोर खुले रखने के निर्देश दिए। प्रशासन के अनुसार आपात स्थिति में मरीजों को राहत देने के लिए शहर के कुछ क्षेत्रों में सीमित दवा दुकानों को संचालित रखने की व्यवस्था की गई है।

दवा कारोबारियों की इस हड़ताल ने एक बार फिर ऑनलाइन दवा बिक्री और पारंपरिक दवा व्यवसाय के बीच बढ़ते टकराव को सामने ला दिया है। अब सभी की निगाहें सरकार और संगठन के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हैं।

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