सोनीपत (राजेश आहूजा) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर कांग्रेस ने वीरवार को सोनीपत में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ मार्च निकाला और व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेसियों ने इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाया। एआईसीसी महासचिव एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री कुमारी सैलजा ने मार्च की अगुवाई की। गांधी चौक से शुरू हुआ पैदल मार्च बस स्टैंड के पास स्थित अंबेडकर पार्क पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां व बैनर लेकर प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के त्यागपत्र व उन्हें पद से हटाए जाने की मांग उठाई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं सांसद के.सी. वेणुगोपाल द्वारा 7 अक्टूबर को जारी पत्र के माध्यम से आठ अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। पत्र में बताया गया कि जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसद निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग करने के लिए शांतिपूर्वक जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार ने सभी सीमाएं पार करते हुए उन्हें रोक दिया और बलपूर्वक व्यवहार किया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, वरिष्ठ नेताओं और INDIA ब्लॉक के सांसदों के साथ बर्बरतापूर्वक दुर्व्यवहार व लाठीचार्ज किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कांग्रेस ने जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर हुए इस हमले को संविधान पर हमला बताते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए “काला दिवस” घोषित किया और ऐलान किया कि जब तक ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटा नहीं दिया जाता और चुनावी व्यवस्था की अखंडता पूरी तरह बहाल नहीं हो जाती, तब तक यह लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।
इसी कड़ी में शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमल दिवान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी चौक पर एकत्रित हुए। यहां से कुमारी सैलजा की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर पार्क तक पैदल मार्च किया। मार्च के दौरान कांग्रेसी अपने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लिए हुए थे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की रक्षा और मताधिकार की मजबूती का संदेश दिया।
अंबेडकर पार्क में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए व मीडिया से बातचीत में एआईसीसी महासचिव कुमारी सैलजा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तथ्यों के साथ जो सवाल उठाए थे, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उनका जवाब देने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी साठगांठ से, कभी वोट काटकर तो कभी फर्जी वोट जोड़कर भाजपा की सरकारें बनाई गई हैं, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण हरियाणा है। सैलजा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव करवाने में विफल रहे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए। यदि वे स्वयं इस्तीफा नहीं देते हैं, तो सरकार को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।
शहरी जिलाध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान आम नागरिकों को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक करने का एक जन-आंदोलन है। कांग्रेस जनहित और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
मार्च में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, ब्लॉक अध्यक्षों, कार्यकारिणी सदस्यों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। कांग्रेस सेवादल, महिला कांग्रेस, किसान खेत मजदूर कांग्रेस (केकेसी) समेत विभिन्न अग्रिम संगठनों और प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं ने भी हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर उत्साहपूर्वक सहभागिता की। गांधी चौक से अंबेडकर पार्क तक का पूरा मार्ग संविधान और मताधिकार की रक्षा के नारों से गूंजता रहा।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष ग्रामीण संजीव दहिया, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, उपाध्यक्ष प्रशांत शर्मा, जयवीर अंतिल, ब्लॉक अध्यक्ष दीपक चावला, ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र मुकीमपुर, महासचिव देवेंद्र शर्मा, महासचिव बिन्नी भारद्वाज, महासचिव राज सेवली, सचिव पायल मलिक, कार्यालय प्रभारी जागीर राठी, मोनू पवार, राजेश पहलवान पुरखासिया, श्रद्धानंद सोलंकी, सिलकराम, डॉ. कुलबीर, डॉ. आजाद सिंह, जसवंत दहिया, सतपाल चौहान, ऋतुराज, लीलू प्रधान, पवन मेहरा, देवेंद्र महला, नीलम बालियान, बिंदिया चोपड़ा, चंद्रकमल, सिकंदर दहिया और प्रीतम मौजूद रहे।




