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निफ्टेम के में बनेगा भारत-कनाडा पल्स प्रोटीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एक साल में स्थापना का लक्ष्य

कुंडली, सोनीपत (राजेश आहूजा) राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान, कुंडली (NIFTEM-K) में सोमवार को “Pulse Protein Innovation, Value Addition and Strategic Partnerships” विषय पर भारत-कनाडा गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, शोध संस्थानों और उद्योग संगठनों ने दलहन प्रोटीन, खाद्य प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और सतत पोषण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
सम्मेलन में कनाडा के सस्केचेवान प्रांत के उन्नत शिक्षा मंत्री केन शेवलडेऑफ ने कहा कि भारत और सस्केचेवान के बीच उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और अकादमिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों और उद्योग को साझा प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करना चाहिए।
NIFTEM-K के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबरॉय ने कहा कि NIFTEM-K और यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान के बीच हुए समझौते को अब ठोस परिणामों में बदलने का समय है। उन्होंने बताया कि अगले एक वर्ष के भीतर NIFTEM-K में Canada–India Pulse Protein Centre of Excellence (CIPPC) स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए स्पष्ट रोडमैप, समयबद्ध लक्ष्य और संस्थागत समन्वय तैयार किया जाएगा।
डॉ. ओबरॉय ने कहा कि दोनों देशों के संस्थानों को पहले दो वर्षों के लिए प्राथमिक शोध क्षेत्रों पर सहमति बनानी चाहिए। इनमें pulse protein extraction and processing, value addition, पौष्टिक और innovative food products का विकास, joint research, student और faculty exchange, training programmes तथा collaborative research funding शामिल हो सकते हैं।
बैठक में विशेषज्ञों ने दलहन प्रसंस्करण की चुनौतियों पर भी चर्चा की। इनमें कच्चे माल की गुणवत्ता में एकरूपता, processing के दौरान ऊर्जा की खपत, texture और functional properties को बनाए रखना तथा ऐसे pulse-based ingredients विकसित करना शामिल है जिन्हें उद्योग व्यावसायिक स्तर पर उपयोग कर सके।
डॉ. ओबरॉय ने कहा कि industry participation इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी, ताकि research को scalable technology और commercial products में बदला जा सके और बाजार के नए अवसर विकसित हों।
सम्मेलन में University of Saskatchewan, Pulse Canada, Saskatchewan Pulse Growers, Alberta Pulse Growers, Shastri Indo-Canadian Institute सहित कई कनाडाई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत की ओर से ICAR–Indian Institute of Pulses Research, ICRISAT, India Pulses and Grains Association, IIT Delhi, Good Food Institute India, Nutrition International तथा अन्य संस्थानों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
गोलमेज सम्मेलन में value-added pulse foods, sustainable और plant-based nutrition, research collaboration, technology development और commercialisation पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और कनाडा की research expertise, infrastructure और industry capabilities को जोड़कर pulse protein sector में नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।
सम्मेलन के अंत में दोनों पक्षों ने चर्चा को स्पष्ट प्राथमिकताओं, जिम्मेदारियों और समयसीमा में बदलने पर जोर दिया। प्रस्तावित दो-वर्षीय research roadmap को भारत-कनाडा के बीच pulse protein innovation, value addition और academic-industry collaboration की मजबूत नींव माना गया।

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