रायपुर, 20 मई (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। हवा में बढ़ी नमी और तेज उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि और प्रदेश के मध्य तथा उत्तरी हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते कई जिलों में लू जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत हैं। बढ़ते तापमान और उमस के कारण जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना भी व्यक्त की गई है।
मंगलवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तापमान में उल्लेखनीय अंतर देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका के प्रभाव से मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। फिलहाल 20 मई को प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने का अनुमान है। हालांकि महीने के अंतिम दिनों में केरल की ओर मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ छत्तीसगढ़ में भी प्री-मानसून गतिविधियां दिखाई दे सकती हैं।
राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान साफ रहने की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और तेज धूप तथा गर्म हवाओं से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
बढ़ती गर्मी और उमस के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी पर्याप्त पानी पीने, हल्के वस्त्र पहनने और धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दे रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा संकेतों से स्पष्ट है कि आने वाले कुछ दिन प्रदेशवासियों के लिए गर्मी की कठिन परीक्षा लेकर आ सकते हैं।




