रायपुर, 16 अप्रैल, 2026 (वेब वार्ता)। छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीज कंपनी नोबेल सीड्स प्राइवेट लिमिटेड की तीनों अपीलों को खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग, कबीरधाम के फैसले को बरकरार रखा है।
खराब बीज से हुई फसल बर्बाद
यह मामला कबीरधाम जिले के ग्राम बहरमुडा के तीन किसानों से जुड़ा है, जिन्होंने वर्ष 2024 में ‘नोबेल हैप्पी 101’ फूलगोभी के बीज खरीदे थे। कंपनी ने इन बीजों से गर्मी के मौसम में भी बेहतर उत्पादन का दावा किया था, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत निकली।
किसानों के अनुसार, आधे से अधिक पौधों में फूल ही नहीं आए और जो फसल तैयार हुई, वह भी खराब गुणवत्ता की रही, जिससे बाजार में बेच पाना संभव नहीं था।
जांच में सामने आई खामी
शिकायत मिलने पर उद्यानिकी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें बीज की गुणवत्ता में खामी की पुष्टि हुई।
कंपनी ने अपनी सफाई में खराब मौसम को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन आयोग ने इस दलील को अस्वीकार कर दिया। आयोग ने कहा कि केवल समाचारों के आधार पर ओलावृष्टि का दावा साबित नहीं किया जा सकता।
किसानों को मिलेगा मुआवजा
आयोग ने स्पष्ट किया कि किसानों को फसल नुकसान, खर्च और मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, यदि तय समयसीमा में भुगतान नहीं किया गया तो कंपनी को ब्याज भी देना होगा। यह फैसला किसानों के अधिकारों की रक्षा और बीज कंपनियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



