कोलकाता, 21 मई (वेब वार्ता)। कोलकाता नाइट राइडर्स के अनुभवी स्पिनर सुनील नरेन ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले में अपनी किफायती गेंदबाजी से इंडियन प्रीमियर लीग में नया इतिहास रच दिया। नरेन ने चार ओवर के अपने स्पेल में केवल 13 रन खर्च किए और एक विकेट हासिल किया। हालांकि इस बार चर्चा उनके विकेट नहीं, बल्कि उनकी असाधारण किफायती गेंदबाजी को लेकर रही।
मुंबई के खिलाफ यह 80वां मौका रहा जब नरेन ने आईपीएल में चार ओवर के स्पेल में छह या उससे कम इकॉनमी दर से रन दिए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने एक बार फिर लीग के सबसे प्रभावशाली और नियंत्रित गेंदबाजों में अपनी पहचान मजबूत की।
आंकड़ों के अनुसार जिन गेंदबाजों ने अपने करियर में कम से कम 50 बार चार ओवर का पूरा स्पेल डाला है, उनमें छह या उससे कम इकॉनमी दर वाले स्पेल के प्रतिशत के आधार पर नरेन दूसरे स्थान पर हैं। नरेन ने अपने 45.2 प्रतिशत स्पेल में विपक्षी बल्लेबाजों को छह से कम की रनगति पर रोके रखा है। इस सूची में शीर्ष स्थान मुथैया मुरलीधरन के नाम है, जिन्होंने 48.3 प्रतिशत स्पेल में यह उपलब्धि हासिल की थी। उनके बाद डेल स्टेन, अमित मिश्रा और राशिद खान का स्थान आता है।
नरेन के आईपीएल करियर के आंकड़े उनकी निरंतरता की गवाही देते हैं। उन्होंने अब तक 178 ऐसे स्पेल डाले हैं, जिनमें चारों ओवर पूरे किए गए। इनमें से 80 मौकों पर उन्होंने 24 से कम रन दिए हैं, जो छह से कम इकॉनमी दर के बराबर है। इस मामले में वह लीग के सभी गेंदबाजों से आगे हैं।
इस सूची में उनके बाद राशिद खान का नाम आता है, जिन्होंने 56 बार चार ओवर के स्पेल में 24 से कम रन दिए हैं। अमित मिश्रा 43 और डेल स्टेन 36 ऐसे स्पेल के साथ आगे हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि इस सूची में डेल स्टेन अकेले तेज गेंदबाज हैं, जबकि बाकी सभी प्रमुख नाम स्पिन गेंदबाजों के हैं।
सुनील नरेन लंबे समय से कोलकाता नाइट राइडर्स की गेंदबाजी की रीढ़ माने जाते हैं। उनकी विविधता, सटीक लाइन-लेंथ और दबाव में किफायती गेंदबाजी करने की क्षमता ने उन्हें आईपीएल इतिहास के सबसे सफल स्पिनरों में शामिल कर दिया है। हाल के वर्षों में उन्होंने विकेट लेने के साथ-साथ रनगति पर नियंत्रण रखने की अपनी कला से भी लगातार प्रभावित किया है।




