नई दिल्ली, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि भारत को ऐसी टिप्पणियों पर अत्यधिक प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।
‘यह हमारी कूटनीति नहीं’
एक अंतरराष्ट्रीय समाचार मंच से बातचीत में शशि थरूर ने कहा कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर अनावश्यक रूप से भड़कना भारत की कूटनीतिक परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि वे सरकार में होते तो इस प्रकार की टिप्पणी को नजरअंदाज करना ही उचित समझते।
ट्रंप के पोस्ट से बढ़ा विवाद
विवाद तब शुरू हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने एक पॉडकास्ट का अंश साझा किया, जिसमें भारत, चीन और अन्य एशियाई देशों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस क्लिप में प्रवासियों और नागरिकता से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
नागरिक अधिकार संगठन पर भी टिप्पणी
उक्त वीडियो में अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन के वकीलों की भी आलोचना की गई थी और उन पर तीखी टिप्पणी की गई थी। इससे अमेरिका के भीतर भी बहस छिड़ गई है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
इस मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से प्रतिक्रिया देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। हालांकि, सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही है और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
संतुलित प्रतिक्रिया की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादित बयानों पर संतुलित और कूटनीतिक प्रतिक्रिया देना ही बेहतर होता है। ऐसे मामलों में अतिप्रतिक्रिया से बचना और द्विपक्षीय संबंधों को ध्यान में रखना अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



