हैदराबाद, 02 जून (वेब वार्ता)। तेलंगाना में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ चल रही व्यापक जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। जांच एजेंसियों ने सट्टेबाजी मंचों और संचालकों के साथ-साथ उन मशहूर हस्तियों तथा डिजिटल प्रभावकारों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू कर दी है, जो विभिन्न माध्यमों से ऐसे मंचों का प्रचार-प्रसार करते रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कई प्रमुख हस्तियों की पहचान की गई है, जिनका नाम ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े प्रचार अभियानों में सामने आया है। इन लोगों से संपर्क कर उन्हें ऐसे मंचों के प्रचार से दूर रहने और लोगों को ऑनलाइन जुए के खतरों के प्रति जागरूक करने में सहयोग देने का अनुरोध किया गया है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि विज्ञापनों, वीडियो संदेशों और सामाजिक माध्यमों पर किए जाने वाले प्रचार का आम लोगों, विशेषकर युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जब कोई लोकप्रिय चेहरा किसी मंच का समर्थन करता है, तो लोगों में उसके प्रति विश्वास बढ़ सकता है, जिससे वे प्रतिबंधित गतिविधियों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जिन हस्तियों से संपर्क किया गया है, उनमें से अधिकांश ने सकारात्मक रुख अपनाया है। कई लोगों ने ऑनलाइन जुए के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता संदेश भी रिकॉर्ड किए हैं। इन संदेशों में लोगों को आर्थिक नुकसान, सामाजिक समस्याओं और कानूनी जोखिमों से बचने के लिए सट्टेबाजी वाले मंचों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि सट्टेबाजी से जुड़े प्रचार अभियानों में वित्तीय लेन-देन और अन्य कानूनी पहलुओं का किस प्रकार पालन किया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की समीक्षा जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस बीच कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। राज्यभर में इस तरह की गतिविधियों से जुड़े सैकड़ों मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जांचकर्ताओं ने बड़ी संख्या में ऐसे अनुप्रयोगों और मंचों की पहचान की है, जिनके माध्यम से अवैध सट्टेबाजी संचालित की जा रही थी।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों और तकनीकी एजेंसियों के सहयोग से इन मंचों तक पहुंच सीमित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। साथ ही अतिरिक्त तकनीकी उपायों के जरिए राज्य में इनकी उपलब्धता को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों ने दोहराया कि ऑनलाइन सट्टेबाजी राज्य में प्रतिबंधित गतिविधि है और इसके प्रचार-प्रसार से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी संबंधी गतिविधि की जानकारी मिले तो वे पुलिस और साइबर अपराध प्रकोष्ठ को सूचित करें।
जांच एजेंसियों का मानना है कि जनसहभागिता, प्रभावशाली व्यक्तियों की जिम्मेदारी और कानून के सख्त पालन के माध्यम से ही ऑनलाइन जुए के बढ़ते प्रभाव पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे न केवल लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा, बल्कि समाज में इससे उत्पन्न होने वाली अन्य समस्याओं को भी रोका जा सकेगा।




