ब्रातिस्लावा, 15 जून (वेब वार्ता)। फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी और पारंपरिक सम्मान के साथ स्वागत किया गया। स्लोवाकिया के गठन के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है।
ब्रातिस्लावा पहुंचने पर स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। पारंपरिक स्लोवाक रीति-रिवाज के तहत उन्हें ‘रोटी और नमक’ भेंट किया गया, जो सम्मान, सद्भावना और आतिथ्य का प्रतीक माना जाता है।
आज होंगे कई अहम कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के दौरान स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी, नवाचार, रेलवे और नई प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ‘अज्ञात सैनिक की समाधि’ पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। डेन्यूब नदी पर आयोजित विशेष आतिथ्य कार्यक्रम में भी उनकी भागीदारी होगी। शाम को वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे और राष्ट्रपति भवन में आयोजित राजकीय रात्रिभोज में शामिल होंगे।
‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति ने बनाया माहौल खास
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को यादगार बनाने के लिए प्रसिद्ध स्लोवाक सांस्कृतिक समूह ‘लुचनिका एन्सेम्बल’ ने ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति दी। भारतीय संस्कृति और स्लोवाक लोक परंपराओं के इस अद्भुत संगम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
प्रधानमंत्री ने कलाकारों से मुलाकात कर उनकी सराहना की और इसे विशेष क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति ऐसे समय में हुई है, जब भारत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का स्मरण कर रहा है और स्वतंत्रता संग्राम में इसके ऐतिहासिक योगदान को याद कर रहा है।
इसके साथ ही ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’ की आध्यात्मिक प्रस्तुति और बाल लोकनृत्य दल ‘कोपानिचियारिक’ के पारंपरिक नृत्य ने भी स्वागत समारोह को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
भारतीय समुदाय ने किया जोरदार स्वागत
स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। “मोदी-मोदी”, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के स्नेह और आत्मीयता के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि ब्रातिस्लावा में मिला यह स्वागत वास्तव में विशेष था और यह दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है।
भारत को यूएनएससी में स्थायी सदस्यता का समर्थन
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने उल्लेखनीय आर्थिक विकास हासिल किया है और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है।
रॉबर्ट फिको ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए।
अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते का भी स्वागत किया। उन्होंने इसे पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया और अनेक देशों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आशा जताई कि समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन से क्षेत्र में स्थिरता लौटेगी तथा समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी।
जी-7 सम्मेलन में भी होगी अहम भागीदारी
स्लोवाकिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर फ्रांस लौटेंगे, जहां वह 16 और 17 जून को आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी प्रस्तावित हैं।
इसके बाद 18 जून को प्रधानमंत्री पेरिस में आयोजित यूरोप के प्रमुख नवाचार और प्रौद्योगिकी सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की यह बहुस्तरीय विदेश यात्रा न केवल भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि यूरोप के साथ आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




