नई दिल्ली, 1 जून (वेब वार्ता)। पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में सामने आया है कि हमले में शामिल आतंकियों के पास मिले दो मोबाइल फोन पाकिस्तान से जुड़े थे। जांच एजेंसियां इसे हमले के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और सीमा पार से मिली संभावित सहायता से जोड़कर देख रही हैं।
जांच में सामने आया है कि आतंकियों के पास से बरामद दोनों मोबाइल फोन लंबे समय तक निष्क्रिय रहे और इन्हें पहलगाम हमले के दौरान सक्रिय किया गया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ये मोबाइल बाद में मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के पास से बरामद हुए थे।
सूत्रों के अनुसार पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकी फैसल उर्फ सलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी 28 जुलाई 2025 को मलनार महादेव क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। उनके पास से रेडमी श्रृंखला के दो मोबाइल फोन बरामद किए गए थे, जिनमें एक रेडमी 9टी और दूसरा रेडमी नोट 12 बताया गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि एक मोबाइल वर्ष 2021 में पाकिस्तान में आयात की गई खेप से जुड़ा था, जबकि दूसरा वर्ष 2023 में पाकिस्तान में खरीदा गया था। दस्तावेजों और आपूर्ति श्रृंखला की पड़ताल में कराची और लाहौर से जुड़े कारोबारी और वित्तीय संबंधों की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां इन तथ्यों की गहराई से जांच कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी। मृतकों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने का प्रयास किया था। भारतीय एजेंसियों ने इस हमले का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ से जोड़ा है।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान चलाया और बाद में संबंधित आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके अतिरिक्त भारत ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सीमा पार आतंकी ढांचों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई भी की थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल फोन और उनसे जुड़े तकनीकी साक्ष्य हमले की साजिश, संपर्क तंत्र और सीमा पार नेटवर्क को समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल तथा अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं।




