कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा: मोदी

-कारगिल विजय दिवस पर नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह का संदेश, वीर शहीदों को श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 26 जुलाई (वेब वार्ता)। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया। दोनों नेताओं ने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों का शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक माध्यम पर अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस देश के उन वीर सैनिकों के अद्वितीय साहस और कर्तव्यनिष्ठा को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने अत्यंत विषम परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए असाधारण पराक्रम का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की अटूट देशभक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सैनिकों के प्रति पूरा राष्ट्र सदैव कृतज्ञ रहेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम पर्वत चोटियों पर भारतीय सेना ने जिस अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया, वह भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना का त्याग, साहस और अटूट संकल्प देश की नई पीढ़ी को राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने सैनिकों के अद्वितीय योगदान को देश की सुरक्षा और अखंडता का मजबूत आधार बताया।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों और सैनिकों ने कारगिल क्षेत्र की अनेक सामरिक चोटियों पर अवैध कब्जा कर लिया था। इसके बाद भारतीय सेना ने लगभग तीन महीने तक चले कठिन सैन्य अभियान में असाधारण वीरता और रणनीतिक कौशल का परिचय देते हुए सभी महत्वपूर्ण चोटियों को पुनः अपने नियंत्रण में ले लिया। इस ऐतिहासिक विजय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

कारगिल विजय दिवस केवल सैन्य सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, सैनिकों के अद्वितीय बलिदान और देश की संप्रभुता की रक्षा के प्रति अटूट संकल्प का भी प्रतीक है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है तथा उनके साहस और बलिदान को नमन किया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -