नई दिल्ली, 23 मई (वेब वार्ता)। केंद्र सरकार ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘भव्य’ योजना के अंतर्गत 100 विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने की रूपरेखा जारी कर दी है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, औद्योगिक आधार मजबूत करना और देश में विनिर्माण गतिविधियों को नई गति देना है।
सरकार की यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘प्रधानमंत्री गति शक्ति’ अभियान को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके लिए वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक की छह वर्षीय समय सीमा निर्धारित की गई है। पूरे प्रकल्प के लिए 33,660 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। योजना के पहले चरण में 50 औद्योगिक पार्कों के विकास पर काम शुरू किया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में पार्कों का चयन चुनौती आधारित प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत होगा। इसके तहत राज्यों को अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करने होंगे और बेहतर संपर्क व्यवस्था, भूमि उपलब्धता तथा निवेश अनुकूल नीतियों के आधार पर चयन किया जाएगा। इसी कारण विभिन्न राज्य निवेश आकर्षित करने और योजना में स्थान सुनिश्चित करने के लिए अपनी औद्योगिक नीतियों को अधिक लचीला बनाने में जुट गए हैं।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना में ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों प्रकार के औद्योगिक पार्क शामिल होंगे। मैदानी राज्यों में पार्क विकसित करने के लिए न्यूनतम 100 एकड़ भूमि आवश्यक होगी, जबकि पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह सीमा 25 एकड़ रखी गई है। सरकार ने 1000 एकड़ तक के बड़े औद्योगिक पार्क प्रस्तावों पर भी विचार करने के संकेत दिए हैं।
इन आधुनिक औद्योगिक पार्कों में निवेशकों को व्यवसाय शुरू करने के लिए तैयार आधारभूत संरचना उपलब्ध कराई जाएगी। पार्कों में बहु-माध्यमीय परिवहन संपर्क, चौबीसों घंटे बिजली और पानी की आपूर्ति, डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था तथा श्रमिकों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे उद्योगों को संचालन में आसानी मिलने और उत्पादन लागत कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
योजना के संचालन और रखरखाव के लिए विशेष प्रयोजन इकाई का गठन किया जाएगा। यही इकाई पार्कों के प्रबंधन, रखरखाव और विकास कार्यों की निगरानी करेगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान दिलाने में भी मदद मिलेगी।




