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भारत और इटली की नौसेनाओं के बीच पहली बार हुई स्टाफ वार्ता

नई दिल्ली, 05 नवंबर (वेब वार्ता)। भारत और इटली की नौसेनाओं ने आपसी समुद्री सहयोग को नई दिशा देने की पहल की है। दोनों देशों के बीच पहली बार नौसेना स्तर की स्टाफ वार्ता आयोजित की गई है। इस दौरान समुद्री क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वार्ता भारतीय नौसेना और इतालवी नौसेना के प्रमुखों की ओर से तय किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर आयोजित की गई।

इसका मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच साझा सोच को व्यावहारिक सहयोग में बदलना और आपसी संपर्क को संस्थागत रूप देना है। वार्ता में दोनों देशों ने नौसेनाओं के बीच नियमित ऑपरेशनल गतिविधियों को व्यवस्थित करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र के कुछ विशेष क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी विचार किया गया। इनमें समुद्र के भीतर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और उनकी जानकारी जुटाने से जुड़ा क्षेत्र भी शामिल है।

इसे समुद्र के भीतर की गतिविधियों की जानकारी और निगरानी से जुड़े सहयोग के रूप में देखा जाता है। दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने की व्यवस्था मजबूत करने और प्रशिक्षण तथा पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। इस पहली स्टाफ वार्ता को भारत और इटली की नौसेनाओं के बीच संस्थागत सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा सकता है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों को मजबूत करना और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशना है।

गौरतलब है कि इसी वर्ष नई दिल्ली में भारत और इटली के बीच रक्षा मंत्रियों की द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता का उद्देश्य रक्षा सहयोग को नई मजबूती देना था। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ नौसेना प्रमुख, वायुसेना प्रमुख, थलसेना प्रमुख व अन्य अधिकारी मौजूद थे। इटली के रक्षा मंत्री के साथ यह वार्ता दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में हुई थी।

इस दौरान दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया, जो शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। बैठक में दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। खासतौर पर पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने और इटली के साथ मिलकर रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने पर भी सहमति बनी थी। यह पहल दोनों देशों की सैन्य और औद्योगिक क्षमता को भविष्य में और मजबूत बनाने में मदद कर रही है।

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