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परभणी हनुमान मंदिर हादसा: निर्माणाधीन मंडप की छत गिरी, 7 श्रद्धालुओं की मौत

मुंबई, 22 जून (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी स्थित प्राचीन त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक ढह जाने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यशवाड़ी गांव में स्थित मंदिर के सामने सभा मंडप का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। दोपहर करीब तीन बजे श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे थे, तभी निर्माणाधीन मंडप का सेंट्रिंग ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। देखते ही देखते पत्थर और निर्माण सामग्री श्रद्धालुओं पर आ गिरी।

हादसे का एक दृश्य सामाजिक माध्यमों पर भी सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु दर्शन और प्रसाद ग्रहण करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान बांस और लोहे की सरियों से बना ढांचा अचानक टूट जाता है और पूरा मंडप गिर पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने शुरू किया बचाव कार्य

हादसे के तुरंत बाद मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। प्रशासन और बचाव दल के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय करीब 40 लोग मलबे में दब गए थे।

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बचाव अभियान पूरा किया गया।

सात लोगों की मौत, 25 घायल

जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में कुल 32 लोग प्रभावित हुए, जिनमें सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

मृतकों में संतोष गडाडे, आकाश सुरदुसे, मुनेश अग्रवाल, सूरज पोपटकर और श्रीकृष्ण गवारे की पहचान हो चुकी है। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि घायलों के बेहतर उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

400 वर्ष पुराना है त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर

परभणी जिले के मानवत तालुका में स्थित त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर का इतिहास लगभग 400 वर्ष पुराना बताया जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, अतीत में गांव उजड़ जाने के बावजूद यह मंदिर सुरक्षित बना रहा था। बीते कुछ वर्षों से श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर के विस्तार और सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा था। इसी क्रम में सभा मंडप का निर्माण किया जा रहा था, जिसके दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।

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