मुंबई, 06 जून (वेब वार्ता)। नीट-यूजी परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार भौतिकी व्याख्याता मनीषा संजय हवलदार के खिलाफ उनके संस्थान ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। महाराष्ट्र स्थित सेठ हीरालाल सरस्वती प्रशाला प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति के गठन की घोषणा की है।
संस्थान के सचिव डॉ. सतीश गावड़े ने बताया कि मनीषा संजय हवलदार वर्ष 1992 से विद्यालय में भौतिकी विषय की व्याख्याता के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास विज्ञान स्नातकोत्तर और शिक्षा स्नातक की उपाधि है तथा वह 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाली थीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटना छात्रों, शिक्षण संस्थान और देश के साथ विश्वासघात के समान है।
डॉ. सतीश गावड़े ने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रशासन को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के साथ उनकी क्या भूमिका थी, उन्हें कब और किस प्रक्रिया के तहत नियुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की जांच के लिए आंतरिक समिति बनाई गई है, जो अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की विशेषज्ञ थीं
जांच एजेंसियों के अनुसार, नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण में ग्यारहवें आरोपी के रूप में गिरफ्तार मनीषा संजय हवलदार परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने उन्हें विषय विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया था। जांच में सामने आया है कि उन्हें भौतिकी विषय के प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी।
आरोप है कि अप्रैल 2026 के दौरान उन्होंने भौतिकी से संबंधित कुछ प्रश्न अन्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद शुरू हुई जांच में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर सहित विभिन्न शहरों से अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सबसे अधिक सात गिरफ्तारियां महाराष्ट्र से हुई हैं।
शुल्क वापसी के लिए विशेष सुविधा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एक विशेष पोर्टल भी शुरू किया है। इसके माध्यम से अभ्यर्थी परीक्षा शुल्क वापसी के लिए अपने बैंक खाते का विवरण जमा कर सकते हैं। बैंक खाते से संबंधित जानकारी जमा करने की सुविधा 22 मई से 27 मई रात्रि 11 बजकर 50 मिनट तक उपलब्ध रहेगी।
तीन मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को हुई रद्द
नीट-यूजी 2026 परीक्षा तीन मई को देश के 551 शहरों तथा विदेश के 14 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें लगभग 23 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार सात मई की शाम परीक्षा में अनियमितता की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने और पुनर्परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण ने देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगामी पुनर्परीक्षा पर देशभर के लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं।




