एयर मुख्यालय/नई दिल्ली | वेब वार्ता
US Iran Conflict एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमरीका और ईरान के बीच हुआ संघर्ष विराम टूटने के बाद पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ गई है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर ताजा सैन्य हमले किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य, कुवैत, बहरीन और इस्राएल-लेबनान सीमा तक हालात संवेदनशील बने हुए हैं। दोनों पक्ष संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप एक-दूसरे पर लगा रहे हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
- अमरीका और ईरान के बीच संघर्ष विराम प्रभावी नहीं रह सका।
- होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमरीका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए।
- ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले किए।
- बहरीन में एयर रेड सायरन जारी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह।
- इस्राएल-लेबनान सीमा पर भी तनाव लगातार बढ़ रहा है।
अमरीका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया कि ईरान ने ड्रोन के जरिए एक वाणिज्यिक तेल टैंकर को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमान (CENTCOM) ने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरान के दस सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में निगरानी अवसंरचना, संचार प्रणाली, हवाई रक्षा प्रतिष्ठान, ड्रोन भंडारण केंद्र और खनन क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि संघर्ष विराम का दोबारा उल्लंघन हुआ तो अमेरिका और व्यापक सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से दिया जवाब
अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कुवैत स्थित अली अल सलेम एयर बेस समेत कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
कुवैत के अधिकारियों के अनुसार उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने आने वाले खतरों को रोकने का प्रयास किया, जबकि बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। शुरुआती रिपोर्टों में किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है।
| पक्ष | मुख्य कार्रवाई |
|---|---|
| अमरीका | ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला |
| ईरान | कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले |
| प्रभावित क्षेत्र | होर्मुज जलडमरूमध्य, कुवैत, बहरीन |
| स्थिति | संघर्ष विराम पर अनिश्चितता |
कूटनीतिक प्रयासों पर मंडराया संकट
दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। इससे मध्यस्थ देशों द्वारा किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
इस्राएल-लेबनान सीमा पर भी बढ़ा तनाव
इसी बीच इस्राएल और लेबनान सीमा पर भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस्राएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ घोषित नए सुरक्षा समझौते का समर्थन करते हुए कहा कि यदि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हुआ तो इस्राएल हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
दूसरी ओर हिज्बुल्लाह ने अमेरिकी मध्यस्थता वाले समझौते के प्रमुख प्रावधानों को अस्वीकार कर दिया है और सीमावर्ती क्षेत्रों में मिसाइल हमले जारी रहने की खबरें सामने आ रही हैं। इससे पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका और बढ़ गई है।




