अमेरिका ने रूस-ईरान से तेल खरीद की छूट खत्म की, वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बढ़ेगा दबाव

वाशिंगटन, 16 अप्रैल, 2026 (वेब वार्ता)। अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला लेते हुए रूस और ईरान से तेल खरीदने की अस्थायी छूट को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। इससे पहले मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कई देशों को राहत देने के लिए यह छूट दी गई थी।

वित्त मंत्री ने किया ऐलान

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि रूस और ईरान के तेल के लिए जारी सामान्य लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 11 मार्च से पहले जो तेल जहाजों पर लदा था या रास्ते में था, उसकी बिक्री की अनुमति दी गई थी और अब वह स्टॉक समाप्त हो चुका है।

30 दिन की थी अस्थायी राहत

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 12 मार्च को भारतीय रिफाइनरियों सहित कुछ देशों को पहले से लदे रूसी तेल को खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी थी। इस निर्णय का उद्देश्य वैश्विक बाजार में आपूर्ति बनाए रखना और कीमतों को स्थिर रखना था।

इस दौरान स्पष्ट किया गया था कि यह छूट रूस को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि पहले से समुद्र में मौजूद तेल के निपटान के लिए दी गई थी।

कब खत्म हुई छूट

रूसी तेल पर दी गई छूट 11 अप्रैल को समाप्त हो चुकी है, जबकि ईरानी तेल पर लागू छूट 19 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद किसी भी देश को इन स्रोतों से तेल खरीदने के लिए नई अनुमति नहीं मिलेगी।

वैश्विक बाजार पर असर की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। पहले ही मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं।

ऐसे में अमेरिका के इस कदम से तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है।

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