अंतर्राष्ट्रीयपश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत पहुंचा एलपीजी...

पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत पहुंचा एलपीजी टैंकर, तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी राहत

तेहरान, 17 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 20 हजार टन रसोई गैस लेकर मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला टैंकर ‘सिमी’ सुरक्षित रूप से गुजरात के कच्छ जिले स्थित कांडला बंदरगाह पहुंच गया है। यह टैंकर 13 मई को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंचा।

होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। यह फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे समय में जब पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है, भारत पहुंचा यह गैस टैंकर ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत और ईरान के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच क्षेत्रीय हालात को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। बातचीत के दौरान ईरान की ओर से व्यापारिक गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया गया।

सैयद अब्बास अराघची ने सामाजिक माध्यम पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत के साथ क्षेत्रीय हालात पर सकारात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से जुड़े अपने ऐतिहासिक दायित्व का निर्वहन करता रहेगा और मित्र देशों के लिए व्यापारिक गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

ईरान ने यह भी कहा कि वह मित्र देशों के लिए एक विश्वसनीय साझेदार बना रहेगा और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

भारत आने वाले जहाजों को मिल रहा सुरक्षा कवच

सूत्रों के अनुसार, भारत आ रहा एक अन्य गैस टैंकर ‘एमवी सनशाइन’ भी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रहा था और उसे सुरक्षित भारत पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही थी। बताया गया कि फारस की खाड़ी से सुरक्षित निकाला गया यह भारत आने वाला 15वां गैस जहाज था।

जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। इसमें भारतीय नौसेना की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जा रही है। समुद्री मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के कारण ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बनी हुई है।

शांति बहाली के बाद हालात बेहतर होने की उम्मीद

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहते हुए समुद्री गतिविधियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

काजेम गरीबाबादी ने कहा कि यदि क्षेत्रीय तनाव कम होता है तो समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में पहले से अधिक स्थिरता देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वैश्विक शक्तियां गंभीर कूटनीतिक प्रयासों में शामिल नहीं हैं, लेकिन क्षेत्रीय देशों के सहयोग से हालात सामान्य बनाए जा सकते हैं।

भारत की शांति पहल का स्वागत करेगा ईरान

ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले नई दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान काजेम गरीबाबादी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए भारत की किसी भी पहल का ईरान स्वागत करेगा। उन्होंने भारत की भूमिका को निष्पक्ष और संतुलित बताते हुए कहा कि भारत हमेशा शांति और संवाद का समर्थक रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध काफी गहरे हैं तथा दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी मजबूत जुड़ाव है। ईरान ने स्पष्ट किया कि यदि क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए भारत कोई कूटनीतिक प्रयास करता है तो तेहरान उसका सकारात्मक समर्थन करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

More articles

- Advertisement -
- Advertisement -