वाशिंगटन, 5 अक्टूबर (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव का उल्लेख करते हुए भारत और ब्राजील के बीच भ्रमित होते नजर आए। उन्होंने भारत में राष्ट्रपति चुनाव होने और एक ही दिन में करीब 125 करोड़ लोगों के मतदान करने का दावा किया। ट्रंप ने भारत की मतदान प्रक्रिया की तुलना अमेरिका की चुनाव व्यवस्था से करते हुए अमेरिकी चुनावों में मतगणना में लगने वाले समय पर भी सवाल उठाए।
ट्रंप ने अपने सामाजिक माध्यम खाते पर लिखे संदेश में दावा किया कि भारत में राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 125 करोड़ लोगों ने मतदान किया और मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिया गया। हालांकि, भारत में इस समय कोई राष्ट्रपति चुनाव नहीं हुआ है और देश में राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से भी नहीं होता।
ब्राजील के चुनाव का कर रहे थे उल्लेख
दरअसल, ट्रंप ब्राजील में हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण का जिक्र कर रहे थे। ब्राजील में राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को आवश्यक बहुमत नहीं मिला। इसके बाद अब 25 अक्टूबर को दूसरे चरण का चुनाव कराया जाना है।
ब्राजील में मतदान शाम पांच बजे समाप्त हुआ था और इसके बाद मतगणना शुरू होने के साथ ही परिणामों की जानकारी सामने आने लगी थी। ट्रंप के बयान में भारत के 125 करोड़ लोगों के मतदान का उल्लेख इसी चुनाव के संदर्भ में भ्रम की वजह से किया गया प्रतीत होता है।
ट्रंप ने अमेरिका की चुनाव प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फिलाडेल्फिया और कैलिफोर्निया जैसी जगहों पर अपेक्षाकृत कम मतदाताओं के बावजूद मतगणना में कई दिन लग जाते हैं। उन्होंने इस तुलना के माध्यम से अमेरिका की चुनाव व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
ब्राजील में 25 अक्टूबर को होगा दूसरा चरण
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच मुकाबला हुआ। पहले चरण में दोनों में से कोई भी उम्मीदवार आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका।
अब राष्ट्रपति पद का फैसला दूसरे चरण के मतदान से होगा। इसके लिए 25 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। दूसरे चरण में दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला होगा।
भारत में राष्ट्रपति का चुनाव जनता सीधे नहीं करती
ट्रंप के बयान के विपरीत भारत में राष्ट्रपति पद के लिए हाल में कोई चुनाव नहीं हुआ है। द्रौपदी मुर्मू ने जुलाई 2022 में भारत के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और वह वर्तमान राष्ट्रपति हैं।
भारत में राष्ट्रपति का चुनाव आम जनता सीधे मतदान करके नहीं करती। राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल के माध्यम से होता है। इसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों और संबंधित केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से होता है। इसलिए ट्रंप द्वारा भारत में एक दिन में 125 करोड़ लोगों के राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने का दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 98 करोड़ मतदाता
भारत में 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान करीब 98 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। यह चुनाव देश के विभिन्न चरणों में कराया गया था और इसमें करोड़ों मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
ट्रंप पहले भी भारत की चुनाव व्यवस्था का उल्लेख कर चुके हैं। विशेष रूप से वह मतदाता पहचान और सत्यापन की व्यवस्था को लेकर भारत का उदाहरण देते रहे हैं।
अमेरिकी चुनाव व्यवस्था को लेकर भी उठा चुके हैं सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इससे पहले अमेरिका की चुनाव व्यवस्था में बदलाव की वकालत करते हुए भारतीय चुनाव व्यवस्था का उल्लेख किया था। उन्होंने दावा किया था कि भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत के दौरान वैध फोटो पहचान पत्र के बिना अमेरिका में चुनाव कराने को लेकर सवाल उठाया था।
ट्रंप ने अमेरिका में मतदाता पंजीकरण और पहचान सत्यापन से संबंधित प्रस्तावित कानून के समर्थन में भी ऐसी टिप्पणियां की थीं। प्रस्तावित व्यवस्था में मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करने और देशभर में मतदाता सत्यापन को अनिवार्य बनाने जैसे प्रावधानों की बात कही गई है।
इस पूरे घटनाक्रम में ट्रंप का ताजा बयान इसलिए चर्चा में आ गया है क्योंकि उन्होंने ब्राजील के चुनाव से जुड़ी जानकारी देते हुए भारत का नाम लिया और भारत में राष्ट्रपति चुनाव तथा 125 करोड़ लोगों के मतदान का दावा कर दिया, जबकि भारत की राष्ट्रपति चुनाव प्रणाली इससे पूरी तरह अलग है।




