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Muharram 2026 Significance: मोहर्रम क्यों मनाया जाता है? जानें हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत से जुड़ी पूरी दास्तान
Muharram 2026 Significance: जानें मोहर्रम क्यों मनाया जाता है, कर्बला की घटना क्या थी, Imam Hussain की शहादत, आशूरा, अरबईन और मुहर्रम का धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व।
Muharram 2026: मोहर्रम क्यों मनाया जाता है? जानें कर्बला की जंग, हजरत इमाम हुसैन की शहादत और आशूरा का महत्व
Muharram 2026 में जानिए मोहर्रम क्यों मनाया जाता है, कर्बला की जंग, Hazrat Imam Hussain की शहादत, आशूरा का महत्व, ताजिया, मजलिस और भारत में मोहर्रम की परंपराएं।
कारोबार और सत्ता के रिश्ते पर गहराती बहस
उज्जैन भूमि प्रकरण, सिंहस्थ-2028 विकास परियोजनाओं और भूमि खरीद को लेकर उठे सवालों पर राजु कुमार का विश्लेषणात्मक लेख।
प्रेम के मुखौटे के पीछे भरोसे की हत्या और समाज के सामने खड़ा नैतिक संकट
पुणे हत्याकांड की पृष्ठभूमि में रिश्तों में विश्वास, नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी पर कांतिलाल मांडोत का विचार लेख।
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लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: क्या हमारे बच्चों की सुरक्षा सिर्फ खबर बनकर रह जाएगी?
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर डॉ. सत्यवान सौरभ का विचार लेख। छात्र सुरक्षा, फायर सेफ्टी, कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही और अभिभावकों की भूमिका पर गंभीर चिंतन।
“फ़र्ज़ी मुठभेड़”: सुलगते सवाल
बिहार के भोजपुर में भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ पर वरिष्ठ लेखिका निर्मल रानी का विश्लेषण। फ़र्ज़ी एनकाउंटर, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल।
क्या वोट केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है या जनादेश का सम्मान संकट में है?
क्या वोट केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है? जनादेश, दल-बदल, राजनीतिक नैतिकता और लोकतंत्र में जनता के विश्वास पर आधारित विशेष विचार लेख।
लखनऊ अग्निकांड: मुआवजे से नहीं, जिम्मेदारी तय होने से मिलेगा न्याय
लखनऊ अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पढ़ें लक्ष्मीकान्त पाठक का विशेष लेख।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ वृद्धावस्था और स्वस्थ समाज की ओर कदम
-बिमला कुमारी- (आद्या कौशलम केंद्र)
योग भारत की प्राचीनतम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है। वेदों, उपनिषदों तथा प्राचीन भारतीय ग्रंथों के अध्ययन...
फातिमा शेख: सावित्रीबाई फुले की सह-योद्धा और भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका
-कपिल बर्मन-
आज जब देश में सांप्रदायिक दीवारें ऊंची की जा रही हों और धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशें सक्रिय...
गहलोत और पायलट की मुस्कान के पार कांग्रेस का सियासी सच
-निरंजन परिहार-
राजस्थान में कांग्रेसी राजनीति की उड़ान उलझन भरी है। बरसों सत्ता में रहने वाली ताकतवर कांग्रेस राजनीतिक धरातल पर कमजोर लगती है, तो...
राम का नाम बदनाम ना करो
-विनोद कुमार सिंह ‘तकियावाला’- राम मंदिर, आस्था, प्रबंधन और जवाबदेही के बीच उठते सवाल-राम-राम जपना, चढ़ावे का माल अपना?भारत की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं,भाषाई...
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जनकल्याण शिविरों से घर-घर पहुंच रहा विकास का प्रकाश
-कांतिलाल मांडोत--फुलवारीशरीफ से 73 योजनाओं का लोकार्पण कर बिहार ने विकास की नई दिशा दिखाईबिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग...
बलात्कारियों का सम्मान करने वाला ‘अद्भुत समाज’
-निर्मल रानी- सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और भारतीय प्रेस परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने दिसंबर 2012 में दिल्ली में एक सेमिनार...
आधार केवल पहचान का माध्यम बने नागरिकता का प्रमाण नहीं
-कांतिलाल मांडोत--सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से अवैध घुसपैठ और दस्तावेजी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालभारत में आधार कार्ड आज सबसे व्यापक रूप से...
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