वाशिंगटन/मुंबई, 16 जून (वेब वार्ता)। भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टीसीएस को अमेरिका में चल रहे एक पुराने कानूनी विवाद में बड़ा झटका लगा है। अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने एक अन्य कंपनी के सॉफ्टवेयर तक कथित अवैध पहुंच से जुड़े मामले में दायर टीसीएस की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।
टीसीएस ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जून को अमेरिकी प्रांतीय अपीलीय अदालत के फैसले के पुनरीक्षण के लिए दायर उसकी याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही अपीलीय अदालत का पूर्व निर्णय प्रभावी बना रहेगा।
यह विवाद अमेरिका की डीएक्ससी टेक्नोलॉजी कंपनी, जिसे पहले कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन के नाम से जाना जाता था, से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि टीसीएस ने अपने यहां कार्यरत डीएक्ससी टेक्नोलॉजी के पूर्व कर्मचारियों के माध्यम से कंपनी के जीवन बीमा सॉफ्टवेयर तक अवैध पहुंच प्राप्त की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अमेरिकी प्रांतीय अपीलीय अदालत ने इन आरोपों को सही माना था और टीसीएस को 16.8 करोड़ डॉलर की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। इस निर्णय के खिलाफ कंपनी ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उसे वहां भी राहत नहीं मिल सकी।
टीसीएस ने अपने प्रकटीकरण में यह भी बताया कि उसने इस मामले से जुड़ी संभावित देनदारियों को ध्यान में रखते हुए पहले ही अपने लेखा खातों में 15 करोड़ डॉलर का प्रावधान कर रखा है। इसके अतिरिक्त, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सात करोड़ डॉलर का अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, इस राशि का उपयोग मुकदमे से संबंधित क्षतिपूर्ति, उस पर देय ब्याज तथा कानूनी खर्चों के भुगतान के लिए किया जाएगा। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के ताजा फैसले के बाद अब इस बहुचर्चित विवाद के वित्तीय प्रभावों पर निवेशकों और बाजार की नजर बनी रहेगी।




