नई दिल्ली, 20 जून (वेब वार्ता)। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स द्वारा प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल किए जाने के बाद बाजार में उत्साह का माहौल है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह देश के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है। इस प्रस्तावित निर्गम से न केवल कंपनी को बड़ी पूंजी प्राप्त होगी, बल्कि उसके प्रमुख वैश्विक निवेशकों को भी उल्लेखनीय लाभ मिलने की संभावना है।
कंपनी के मसौदा दस्तावेजों के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म्स लगभग 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह निर्गम पूरी तरह नए शेयरों पर आधारित होगा, अर्थात वर्तमान निवेशक अपने शेयरों की बिक्री नहीं करेंगे। बाजार में अनुमान है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 37,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज की है। विभिन्न बाजार रिपोर्टों के अनुसार कंपनी में रिलायंस की हिस्सेदारी लगभग 66 से 67 प्रतिशत के बीच है। वर्ष 2020 में कई वैश्विक निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में बड़े पैमाने पर निवेश किया था, जिसके बाद यह देश की सबसे चर्चित डिजिटल कंपनियों में शामिल हो गई।
कंपनी ने संकेत दिया है कि सार्वजनिक निर्गम से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा उसकी सहायक दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को कम करने में लगाया जाएगा। इसके लिए लगभग 27,500 करोड़ रुपये के उपयोग की योजना बनाई गई है। शेष राशि का उपयोग सामान्य व्यावसायिक जरूरतों और विस्तार योजनाओं में किया जाएगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा की हिस्सेदारी लगभग 9.99 प्रतिशत बताई जाती है। इसके लिए मेटा ने वर्ष 2020 में करीब 43,574 करोड़ रुपये का निवेश किया था। वहीं गूगल के पास लगभग 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसके लिए उसने करीब 33,737 करोड़ रुपये का निवेश किया था।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सार्वजनिक निर्गम के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन अनुमानित स्तर तक पहुंचता है, तो मेटा और गूगल के निवेश का मूल्य काफी बढ़ सकता है। यही कारण है कि निवेशक इस निर्गम को वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार सार्वजनिक निर्गम के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का संभावित मूल्यांकन लगभग 137 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है तो कंपनी देश के डिजिटल और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी स्थिति और अधिक मजबूत कर लेगी।
मेटा और गूगल के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स में कई अन्य वैश्विक निवेशकों ने भी पूंजी निवेश कर रखा है। इनमें सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडाला, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण, टीपीजी, एल कैटरटन, सार्वजनिक निवेश कोष, इंटेल कैपिटल तथा क्वालकॉम वेंचर्स जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है। इससे न केवल डिजिटल क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक निवेशकों का भारतीय बाजार पर भरोसा भी और मजबूत होगा।




